September 5, 2026

यूपी जलेसर विधानसभा सीट: BJP का गढ़ या 2027 में बदलेगा समीकरण? जानिए चुनावी इतिहास और सियासी गणित

उत्तर प्रदेश की जलेसर विधानसभा सीट एटा जिले की अहम विधानसभा सीटों में गिनी जाती है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। पिछले कुछ चुनावों में यहां भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला है। 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP के संजीव कुमार ने समाजवादी पार्टी के रणजीत सुमन को मामूली अंतर से हराया था। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले जलेसर का सियासी समीकरण एक बार फिर चर्चा में है।

2022 में कांटे की टक्कर

2022 के विधानसभा चुनाव में जलेसर सीट पर BJP के संजीव कुमार को 91,339 वोट मिले थे। समाजवादी पार्टी के रणजीत सुमन को 86,898 वोट मिले। दोनों के बीच जीत का अंतर सिर्फ 4,441 वोट रहा।

बहुजन समाज पार्टी के आकाश सिंह को 19,364 वोट मिले जबकि कांग्रेस की नीलमा राज को सिर्फ 860 वोट मिले।

जलेसर विधानसभा चुनाव 2022

उम्मीदवार पार्टी वोट
संजीव कुमार BJP 91,339
रणजीत सुमन SP 86,898
आकाश सिंह BSP 19,364
नीलमा राज कांग्रेस 860

2022 के आंकड़े बताते हैं कि जलेसर में BJP की जीत जरूर हुई लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं था। BJP और SP के बीच वोटों का अंतर काफी कम रहा।

2017 में BJP ने बनाई मजबूत पकड़

2017 के विधानसभा चुनाव में BJP के संजीव कुमार दिवाकर ने जलेसर सीट पर जीत दर्ज की थी। उन्हें 81,502 वोट यानी 44.43 प्रतिशत वोट मिले थे।

समाजवादी पार्टी के रणजीत सुमन को 61,694 वोट यानी 33.63 प्रतिशत वोट मिले। BSP के मोहन सिंह हैप्पी को 35,817 वोट मिले। इस चुनाव में BJP ने SP पर करीब 20 हजार वोटों की बढ़त बनाई थी।

उम्मीदवार पार्टी वोट वोट प्रतिशत
संजीव कुमार दिवाकर BJP 81,502 44.43%
रणजीत सुमन SP 61,694 33.63%
मोहन सिंह हैप्पी BSP 35,817 19.52%
राजकुमारी RTKP 2,375 1.29%

2012 में SP की वापसी

2012 के चुनाव में तस्वीर अलग थी। समाजवादी पार्टी के रणजीत सुमन ने 55,391 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। BSP के ओमप्रकाश दलित को 32,822 वोट मिले।

कांग्रेस के अनार सिंह दिवाकर को 20,834 वोट, जबकि BJP की मिथलेश सिंह उर्फ मिथलेश कुमारी को 20,738 वोट मिले थे। यानी 2012 में SP ने बढ़त बनाई लेकिन 2017 में BJP ने सीट अपने कब्जे में ले ली।

उम्मीदवार पार्टी वोट वोट प्रतिशत
रणजीत सुमन SP 55,391 36.97%
ओमप्रकाश दलित BSP 32,822 21.91%
अनार सिंह दिवाकर कांग्रेस 20,834 13.91%
मिथलेश सिंह उर्फ मिथलेश कुमारी BJP 20,738 13.84%

जलेसर में बदलता रहा सियासी समीकरण

जलेसर सीट के पुराने चुनाव नतीजे देखें तो यहां BJP और SP दोनों का प्रभाव रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1996 में मिथलेश कुमारी BJP के टिकट पर जीती थीं। 2002 में अनार सिंह दिवाकर ने SP के टिकट पर जीत हासिल की। 2007 में कुंवर सिंह BJP से विधायक बने।

इसके बाद 2012 में SP के रणजीत सुमन और 2017 में BJP के संजीव कुमार दिवाकर ने जीत दर्ज की।

इससे साफ है कि जलेसर में किसी एक दल का स्थायी कब्जा नहीं रहा है। चुनाव के साथ यहां मतदाताओं का रुख भी बदलता रहा है।

जलेसर विधानसभा सीट: पिछले चुनावों के नतीजे

साल विजेता पार्टी वोट
2022 संजीव कुमार BJP 91,339
2017 संजीव कुमार दिवाकर BJP 81,502
2012 रणजीत सुमन SP 55,391
2007 कुंवर सिंह BJP 31,038
2002 अनार सिंह दिवाकर SP 38,462
1996 मिथलेश कुमारी BJP 43,101

जलेसर का जातीय समीकरण

जलेसर विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। उपलब्ध चुनावी विश्लेषण के मुताबिक यहां यादव और दलित मतदाताओं की संख्या करीब 70-70 हजार बताई जाती है। इसके बाद क्षत्रिय करीब 37 हजार, मुस्लिम करीब 30 हजार, लोधी करीब 25 हजार और बघेल करीब 23 हजार मतदाता बताए गए हैं।

यानी जलेसर में दलित और यादव वोट सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसके साथ क्षत्रिय, मुस्लिम, लोधी और बघेल मतदाताओं का रुख भी चुनावी नतीजे पर असर डाल सकता है। 2012 में SP की जीत और 2017 में BJP की बड़ी जीत को देखें तो सिर्फ जातीय समीकरण ही नहीं बल्कि अलग-अलग चुनावों में उम्मीदवार और पार्टियों के पक्ष में वोटों का ध्रुवीकरण भी अहम रहा है।

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