October 22, 2026

19 साल की दिव्या देशमुख ने फिडे महिला विश्व कप फाइनल में कोनेरू हम्पी को हराया, ग्रैंडमास्टर बनीं

भारत की किशोर शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने अपने करियर की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने सोमवार को जॉर्जिया के बातुमी में हमवतन और अपने से कहीं अधिक अनुभवी कोनेरू हम्पी को टाईब्रेकर में हराकर फिडे महिला विश्व कप का खिताब जीता।

फिडे महिला विश्व कप फाइनलः कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख में खिताबी  मुकाबला?, पहली बार भारतीय चैंपियन

इस जीत से 19 साल की दिव्या ने ना सिर्फ यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीता बल्कि साथ ही ग्रैंडमास्टर भी बन गईं जो टूर्नामेंट की शुरुआत में असंभव लग रहा था।

वह ग्रैंडमास्टर बनने वाली सिर्फ चौथी भारतीय महिला और कुल 88वीं खिलाड़ी हैं।

नागपुर की इस खिलाड़ी ने शनिवार और रविवार को खेले गए दो क्लासिकल मुकाबलों के ड्रॉ होने के बाद टाईब्रेकर में जीत दर्ज की।

सोमवार को समय नियंत्रित टाईब्रेकर की पहली बाजी में सफेद मोहरों से खेलते हुए दिव्या ने हम्पी को फिर से ड्रॉ पर रोका लेकिन दूसरी बाजी में काले मोहरों से खेलते हुए उन्होंने दो बार की विश्व रैपिड चैंपियन को हराकर 2.5-1.5 से जीत दर्ज की।

फिडे वूमन्स वर्ल्ड कप के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था जब भारत के दो खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। इतना ही नहीं, दिव्या देशमुख और कोनेरू हंपी दोनों ने ही फाइनल में पहुंचकर वर्ल्ड कप भारतीय खिलाड़ी के नाम सुनिश्चित कर दिया।

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