इसके लिए सुगम्य व्यापार (प्रविधानों का संशोधन) विधेयक-2025 को जल्द ही कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक से न सिर्फ व्यापार करना आसान होगा बल्कि श्रमिक हित भी सुरक्षित रहेंगे।
विधेयक के लागू होने पर देश में उत्तर प्रदेश पहला राज्य होगा जहां व्यावहारिकता के दृष्टिकोण से इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रविधान, गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित होंगे।
गुरुवार को प्रस्तावित विधेयक को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाने होंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें उद्यमियों और श्रमिकों के लिए लाभकारी सुधार करने होंगे। प्रस्तावित विधेयक के तहत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा।
इनमें जहां पहले कारावास की सजा का प्रविधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई करने की योजना है। नए प्रविधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रविधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है।

