यूपी की योगी सरकार युवाओं को रोजगार के ज्यादा मौके देने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरों में भी कम चौड़ी सड़कों पर भी छोटे उद्योग लगाने की अनुमति देने पर विचार कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सात मीटर चौड़ी सड़क पर उद्योग लगाने की अनुमति दी जा चुकी है अब शहरों में भी इस मानक में बदलाव की तैयारी है। उच्च स्तर पर इसको लेकर सहमति बन चुकी है। इसके लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) नीति में बदलाव करते हुए जल्द कैबिनेट से पास कराने की तैयारी है।
राज्य सरकार प्रदेश में छोटे-छोटे उद्योगों को लगवा कर युवाओं को रोजगार दिलाने की तैयारी है। इसके लिए एमएसएमई नीति में लगातार बदलाव किया जा रहा है। प्रदेश में पहले ग्रामीण क्षेत्रों में 12 मीटर सड़क पर औद्योगिक पार्क विकसित करते हुए उद्योग लगाने की अनुमति दी जा रही थी, लेकिन इसे बाद में बदल कर सात मीटर कर दिया गया।
इसी तरह शहरी क्षेत्रों में अनुमति देने की तैयारी है। उच्च स्तर पर इसको लेकर बैठक हुई थी इसमें सहमति बन चुकी है। बताया जा रहा है कि जल्द ही कैबिनेट से प्रस्ताव पास करते हुए इसे लागू किया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक पार्क के अंदर सुविधाएं विकसित करने के मानक में भी ढील देने पर विचार किया जा रहा है। अवस्थापना सुविधाओं में अप्रोज रोड, बाउंड्री वाल, फेंसिंग, आंतरिक मार्ग, फुटपाथ, ड्रेनेज सिस्टम जैसे नाला, नाली कलवर्ट, हरित पट्टी, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवेज आदि विकसित करने के लिए भी समय दिया जाएगा।
औद्योगिक पार्क के अंदर सरकारी संस्थाओं द्वारा कोई भी काम नहीं कराया जाता है। उद्योग लगाने के समय बड़े-बड़े ट्रक आने की वजह से ये टूट जाते हैं। इसीलिए औद्योगिक पार्क पूरी तरह विकसित होने तक इन कामों को कराने की अनुमति दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में निवेश में बढ़ोत्तरी होगी और उद्योग लगाने वालों को राहत मिलेगी।

