यूपी में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा मुरादबाद में सोमवार को विधायकों और नेताओं को लग गया है।भाजपा नेताओं ने यह सोच कर तैयारी कर रखी थी जुबानी आंकड़े बताने से काम चल जाएंगे। ज्यादा से ज्यादा कुछ आंकड़े बूथ व कैंप के पूछेंगे पर उनकी तैयारी से ज्यादा मुख्यमंत्री होमवर्क करके आए। मुख्यमंत्री मंडल की एक एक सीट का रिकार्ड लेकर मुरादाबाद आए। उन्होंने यह भी जता दिया कि अभी कितनी खामियां हैं।
मुख्यमंत्री ने मीटिंग में जो भी बात की वह आंकड़ों पर आधारित की। किस विधानसभा क्षेत्र में कितना काम किया गया। एसआईआर में सौ फीसदी काम कितने बूथों पर किया। कहां कौन से बूथ पर पचास फीसदी से भी कम काम किया गया। ओवर ऑल किस विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के बूथ लेबल एजेंट की सक्रियता। कैंप से लेकर हर तरह की जानकारी सीएम को पहले से थी। तभी उनके सवालों पर कई नेता निरउत्तर हो गए। मुख्यमंत्री ने तो एक क्षेत्र और जनप्रतिनिधि से बात की संगठन से भी जानकारी ली और उन्हें बताया कि कैसे काम करें। टीमें बना कर किस तरह सक्रियता बनाए रखनी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक-एक मतदाता को लेकर सक्रिय हैं। इसके पीछे चुनावी रणनीति है। पिछले चुनाव में मुरादाबाद मंडल में भाजपा ने मामूली अंतर से छह सीटें जीतीं और चार गंवानी पड़ी थीं। कुछ में तो पांच सौ से भी कम मतों का अंतर रहा था। इस बार 10 हजार से कम वोटों से हार-जीत वाली सीटों पर ज्यादा फोकस किया है।
ऐसी ही कम हार जीत वाली सीटों पर सीएम ने ज्यादा मेहनत करने की जरूरत बताई। कहा एक एक वोट से ही संख्या बढ़ती है। एसआईआर के बाद जब नाम बढ़ाने काटने के लिए निर्वाचन आयोग अवसर दे तो वह फार्म भी रुचि लेकर भरवाएं। मंडल में मुरादाबाद नगर और बिलारी समेत कुछ ऐसी सीटें हैं जहां हारजीत का अंतर कम है। कई बार देखने में आया है कि हमारे वोटर मतदान से वंचित रह जाते हैं। अब ऐसा नहीं होना चाहिए।
मुरादाबाद मंडल में बिजनौर जिले की स्थिति देखें तो 2022 में यहां धामपुर, नहटौर और बिजनौर सीट पर भाजपा ने जीत हासिल जरूर ली पर मुकाबला बेहद नजदीकी रहा। धामपुर नहटौर में पांच सौ से भी कम मतों का अंतर रहा। बिजनौर सीट पर डेढ़ हजार से कम वोट का अंतर था। वहीं चांदपुर और नूरपुर सीट सपा की झोली में चली गई। यहां भी अंतर काफी कम रहा। अमरोहा के नौगांवा सादात में सात हजार के कम वोटों के अंतर से भाजपा को सीट गंवानी पड़ी थी।
मुरादाबाद नगर सीट महज 782 वोटों से भाजपा ने हासिल की और बिलारी सीट 7610 मतों से गंवा दी। नगर में दो बार से जीत हार का अंतर कम ही है। रामपुर की बिलासपुर और मिलक सीट पर भाजपा जीत जरूर गई पर अंतर बहुत कम रहा। बिलासपुर में तो भाजपा 307 महज मतों से तो मिलक 5921 मतों से जीत सकी।
मुरादाबाद नगर 782 भाजपा
बिलारी 7610 सपा
बिलासपुर 310 भाजपा
मिलक 5921 भाजपा
नौगांवा सादात 6540 सपा
धामपुर 203 भाजपा
नहटौर 258 भाजपा
बिजनौर 1445 भाजपा
चांदपुर 234 सपा
नूरपुर 6065 सपा

