मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे एसआईआर प्रक्रिया में पूरे मनोयोग से जुटें। एक भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए। साथ ही अपात्र और फर्जी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर कराए जाएं। भाजपा की बूथ टोली हर बूथ और घर-घर जाए और मतदाताओं की एसआईआर प्रक्रिया पूर्ण कराए।
योगी मंगलवार शाम गोरखपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर मंडल के जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, एसआईआर के जिला प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में एसआईआर पर विधानसभावार फीडबैक लेने के बाद मुख्यमंत्री कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों को एसआईआर अभियान में सौ फीसदी योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर में किसी भी पात्र मतदाता का नाम लिस्ट से बाहर न पाए और किसी भी फर्जी मतदाता का नाम शामिल न होने पाए। उन्होंने पूर्णतः शुद्ध मतदाता सूची बनवाने के निर्देश देते हुए कहा कि हर मतदाता का एसआईआर फॉर्म, प्रपत्र जमा कराने के लिए भाजपा की दस सदस्यीय बूथ टोली को सजग रहना होगा। कहा कि बीएलओ ने जितने फॉर्म बांट दिए हैं, उन्हें जमा कराने में टीम भावना से काम करना होगा।
बैठक का संचालन एमएलसी एवं डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने तथा मुख्यमंत्री का स्वागत क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय ने किया। बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गोरखपुर के प्रभारी मंत्री एवं जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम व सभी विधायकगण मौजूद रहे।
एसआईआर में कुछ लोगों ने गणना प्रपत्र को दो स्थानों पर भर दिया। लेकिन एप ऐसे लोगों को पकड़ लिया। ऐसे लोगों के नाम दो बीएलओ के पास दिख रहे हैं। जब एक बीएलओ उनका नाम खारिज कर रहे हैं तो रिपोर्ट सही हो रही है। जिले के नौ विधान सभा क्षेत्रों में 98 प्रतिशत मतदाताओं का डिजिटाइजेशन हो गया है। इनमें स्थांतरित, मृत, दो स्थानों पर नाम वाले 16.9 % मतदाता हैं। इसके अनुसार 6 लाश 19 हजार 644 मतदाताओं के नाम कट गए हैं, जबकि अंतिम दौर में नहीं पता चलने वाले और मतदाताओं के नाम कटेंगे।

