सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। इस वीडियो में एक बांग्लादेशी युवक खुलेआम एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या का दावा करता और पुलिस अधिकारियों को धमकाता हुआ दिखाई देता है। युवक कथित तौर पर जुलाई 2024 में हुए तथाकथित ‘आंदोलन’ का जिक्र करता है।
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खोजी पत्रकार और लेखक साहिदुल हसन खोकन द्वारा शेयर किया गया। खोकन के अनुसार, वीडियो में दिख रहा युवक उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश के हबीगंज जिला का एक छात्र समन्वयक (स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर) है।
वीडियो क्लिप में युवक एक पुलिस स्टेशन के भीतर बैठा नजर आता है और वहां के थाना प्रभारी को सीधी धमकी देता है। वह कहता है कि पुलिस स्टेशन को जला दिया जाएगा और यह भी दावा करता है कि जुलाई आंदोलन के दौरान वे पहले ही बनियाचोंग पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर चुके हैं।
इस दौरान वह एक और सनसनीखेज और भयावह बयान देता है। युवक कहता है- हमने हिंदू अधिकारी एसआई संतोष को जला दिया।’ यह बनियाचोंग थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संतोष भाभू की ओर इशारा माना जा रहा है। यह बयान वह बिना किसी डर या पछतावे के देता हुआ सुनाई देता है।
हबीगंज जिला बांग्लादेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है, जहां की आबादी में लगभग 84 प्रतिशत बंगाली मुस्लिम हैं, जबकि करीब 16 प्रतिशत आबादी बंगाली हिंदुओं की है। सरकारी जनगणना आंकड़ों के अनुसार, हिंदू समुदाय खासतौर पर बनियाचोंग और हबीगंज सदर जैसे इलाकों में केंद्रित रूप से रहता आया है। इसके अलावा इस जिले में ईसाई और कुछ आदिवासी समुदायों की भी सीमित मौजूदगी है
यह विवादित बयान एक बार फिर सब-इंस्पेक्टर संतोष भाभू की निर्मम हत्या के मामले को सुर्खियों में ले आया है। संतोष भाभू, जो बनियाचोंग पुलिस स्टेशन में तैनात थे, उन्हें 5 अगस्त 2024 को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाला गया था।
बांग्लादेशी अखबार देश रूपांतर की रिपोर्ट के अनुसार, उस शाम राजनीतिक अशांति के बीच एक उग्र भीड़ ने बनियाचोंग पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया था। यह घटना तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले की बताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आत्मरक्षा में संतोष भाभू और अन्य पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली चलाई। इसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। बाद में एक घायल व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
रात करीब एक बजे, भीड़ एक बार फिर लौट आई और पुलिस स्टेशन को घेर लिया। जब सेना के जवान मौके पर पहुंचे, तो कथित तौर पर भीड़ ने यह शर्त रखी कि सभी पुलिसकर्मियों को जाने दिया जाएगा, बशर्ते संतोष भाभू को उनके हवाले कर दिया जाए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रात करीब 2:15 बजे संतोष भाभू की लिंचिंग कर दी गई। उनका शव अगली सुबह तक सड़क पर पड़ा रहा और बाद में भीड़ द्वारा उसका और अपमान किए जाने की भी खबरें सामने आईं
अब वायरल हो रहे वीडियो में इस हत्या को लेकर खुला दावा और पुलिस को दी जा रही धमकियां, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक इस वीडियो या इसके आरोपी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला देश और क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है

