गाजियाबाद में साउथ साइड इंडस्ट्रियल एरिया को एनएच-9 से जोड़ने के लिए चिपियाना बुजुर्ग रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज 6 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बनने से करीब एक लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
चिपियाना बुजुर्ग रेलवे क्रॉसिंग से दिल्ली-कानपुर-हावड़ा लाइन पर लगभग 200 ट्रेन गुजरती हैं। साउथ साइड औद्योगिक क्षेत्र को एनएच-9 से जोड़ने के लिए यहां रेल ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बनने से नोएडा एक्सटेंशन तक बिना रोकटोक के यातायात संचालित हो सकेगा। यह ओवरब्रिज करीब 600 मीटर लंबा और 9.5 मीटर चौड़ा होगा। इसमें इनबाउंड और आउटबाउंड ट्रैफिक के लिए दो लेन होंगे। इस आरओबी पर करीब 32 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राज्य सरकार और रेलवे दोनों आधा-आधा खर्च वहन कर रहे हैं। इसी साल के मध्य तक इसके पूरा करने की योजना है।
आरओबी का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। फाटक के दोनों तरह एप्रोच रोड तैयार हो गई है। इसके दोनों और मिट्टी भराव का कार्य शुरू कर दिया गया। इसके बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा। दोनों ओर की सड़क बनने के बाद रेलवे लाइन के ऊपर गाडर डालने का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद दोनों ओर की सड़क का मिलान रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरने वाले गाडर से कर सड़क तैयार कर दी जाएगी।
आरओबी के बनने से सबसे बड़ा लाभ क्रॉसिंग रिपब्लिक में रहने वाले लोगों को मिलेगा। जीटी रोड से वाहनों को एनएच-9 पर नहीं जाना होगा। सिल्वर सिटी के पीछे से आरओबी पर प्रवेश करते हुए चिपियाना फाटक के ऊपर से गुजरते हुए कॉन्टिनेंटल कार्बन फैक्ट्री के सामने उतरेंगे।
साउथ साइड औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यहां उद्योग चलाने वाले उद्यमियों को एनएन-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाना आसान हो जाएगा। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी से यहां का व्यापार भी बढ़ेगा। चिपियाना बुज़ुर्ग क्रॉसिंग फाटक काफी देर तक बंद रहता था। रेलवे ओवरब्रिज बनने से यहां इस परेशानी से भी राहत मिलेगी।
जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे, ”चिपियाना बुजुर्ग आरओबी का काम तेजी से चल रहा है। हावड़ा लाइन होने के कारण इस पर ट्रेन का ट्रैफिक भी काफी अधिक है। आरओबी को इसी साल पूरा करने की योजना है।”

