October 19, 2026

‘भारत नहीं, जय शाह बनाम पाकिस्तान मैच’, Ind vs Pak मुकाबले पर विपक्ष का तंज

टी-20 विश्व कप 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान मैच को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कोलंबो में आज शाम होने वाले इस मुकाबले पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और बीसीसीआई पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) जैसे दलों ने इसे दुश्मन देश के साथ खेलने का विरोध किया है। पाकिस्तान ने पहले बांग्लादेश के समर्थन में मैच बॉयकॉट की घोषणा की थी, लेकिन बाद में फैसला बदल लिया। आईसीसी के प्रमुख जय शाह के नाम पर विवाद को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, क्योंकि उनके पिता अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री हैं।

विपक्षी नेताओं ने इस मैच को राष्ट्रीय सुरक्षा और भावनाओं के खिलाफ बताया है। सुखजिंदर सिंह रंधावा पंजाब के गुरदासपुर से कांग्रेस के सांसद हैं और पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत का दुश्मन है और सीमा पर प्रॉक्सी युद्ध लड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुश्मन के साथ कोई सौदा नहीं होना चाहिए और ऐसे मैच नहीं खेले जाने चाहिए। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने और कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि यह भारत-पाकिस्तान मैच नहीं, बल्कि ‘जय शाह बनाम पाकिस्तान’ मैच है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता इसे नहीं चाहती और मैच के पीछे सट्टेबाजी व वित्तीय हित जुड़े हैं। राउत ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है।

यह विवाद तब और गहरा गया जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने मैच में भाग लेने और आईसीसी अधिकारियों से बातचीत करने की तैयारी दिखाई। पहले बांग्लादेश को भारत के बाहर वेन्यू शिफ्ट करने की मांग खारिज होने पर पाकिस्तान ने एकजुटता दिखाते हुए बॉयकॉट का ऐलान किया था, लेकिन बाद में चर्चाओं और मित्र देशों की अपील पर फैसला वापस ले लिया। इस बीच, एशिया कप में ट्रॉफी विवाद और हैंडशेक न करने की नीति जैसे मुद्दों ने भी तनाव बढ़ाया है। विपक्ष का कहना है कि मोदी सरकार पाकिस्तान को दुश्मन बताती है, लेकिन क्रिकेट में उसके साथ खेलने की इजाजत दे रही है।

सरकार या बीसीसीआई की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए उत्साहजनक है, लेकिन राजनीतिक आरोपों ने इसे विवादास्पद बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल और राजनीति के मिश्रण से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। कुल मिलाकर, यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी का भी मैदान बन गया है।

 

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