October 19, 2026

रूस-यूक्रेन युद्ध: ट्रंप-जिनपिंग के साथ बातचीत को तैयार व्लादिमीर पुतिन, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जेलेंस्की पर बोला हमला

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक सकरात्मक खबर सामने आई है क्योंकि वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा करने के लिए अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन करना चाहते हैं। अमेरिकी मीडिया एजेंसी के मुताबिक उन्होंने इसका प्रस्ताव भी भेज दिया है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता के मुद्दे पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की पर तंज कसा है।

WSJ की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्ताव राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बेहतर होते संबंधों का लाभ उठाने के पुतिन के प्रयास को दर्शाता है। एक पूर्व रूसी खुफिया अधिकारी के हवाले से इस रिपोर्ट में बताया गया कि पुतिन ने 9 अक्टूबर को ट्रंप के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान पहली बार त्रिपक्षीय बैठक का विचार रखा था। उसी बातचीत के परिणामस्वरूप एक समझौता हुआ जिसके तहत अमेरिका को रूसी डीजल ईंधन खरीदने और वैश्विक बाजारों में इसके वितरण को सुविधाजनक बनाने की अनुमति मिली।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने डब्ल्यूएसजे को पुष्टि की कि संभावित बैठक को लेकर चर्चा चल रही है। पोस्कोव ने बताया, “बैठक के बारे में या उसके संभावित एजेंडे के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट समझ नहीं है, हालांकि तीनों पक्ष ऐसी बैठक होने की काल्पनिक संभावना को स्वीकार करते हैं।”

हालांकि एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ट्रंप ने औपचारिक रूप से शिखर सम्मेलन के लिए सहमति नहीं दी है, लेकिन अधिकारी ने संकेत दिया कि युद्ध को सुलझाने के उनके प्रयासों को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति इस प्रस्ताव के लिए तैयार हो सकते हैं।

वार्ता से परिचित सूत्रों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि क्रेमलिन ने आगामी एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) शिखर सम्मेलन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता की मेजबानी का सुझाव दिया है, जो 18 और 19 नवंबर को दक्षिणी चीनी तकनीकी केंद्र शेन्ज़ेन में होने वाला है।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा, “रूस पर मेरा फैसला बहुत सीधा है। मैं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में शांति वार्ता कर रहा हूं, और ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहता जिससे रूस मूर्खतापूर्ण तरीके से बातचीत की मेज से दूर हो जाए। इसमें काफी प्रगति हो रही है, और इसमें मौजूदा बंधक वार्ता भी शामिल है! इस समय उस दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से यह प्रगति हो जाएगी, और मैं बाद में या जब चाहूं तब हस्ताक्षर कर सकता हूं!”

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