Bihar Vidhan Sabha LIVE: मेरी डिग्री नकली साबित करें तो इस्तीफा दे दूंगा, अशोक चौधरी ने सुनील सिंह को दी चुनौती

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बिहार विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा है। बजट सत्र के दौरान सदन के अंदर अलग-अलग मुद्दों पर पक्ष- विपक्ष में जबरदस्त तकरार देखने को मिल रहा है। आज यानी बुधवार को भी अलग-अलग मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष में तकरार देखने को मिल रहा है। विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू हुई थी। विपक्षी सदस्यों ने बिहार में शराबबंदी और आरक्षण को लेकर जबरदस्त हंगामा किया। बिहार सरकार द्वारा लिए गए 65% आरक्षण के निर्णय को संविधान की 9 वीं सूची में शामिल करने की मांग को लेकर विधानसभा के वेल में आकर विपक्ष के सदस्य ने प्रदर्शन किया है।

इधर विधायक संदीप सौरव ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून पूरी तरह फेल हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुलेआम घरों में शराब बनाई जा रही है और इसे एक बिजनेस का रूप दे दिया गया है। कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि राज्य सरकार के पदाधिकारी-कर्मचारियों की जांच होगी तो शराबबंदी कानून की पोल खुल जाएगी। विधानसभा परिसर में उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी से शराब हर जगह पहुंच रही है। डिमांड करने पर विधानसभा में भी शराब पहुंच जाएगी।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने अनुसूचित जाति आयोग एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्यों से इस वर्ग के लोगों के टोलों में जाकर स्थिति की समीक्षा करने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का अनुरोध किया। बुधवार को दोनों आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने विशेष रूप से आरटीई के तहत बच्चों के नामांकन की जानकारी लेने पर जोर दिया।

विधान सभा की दूसरी पाली में राजद विधायक आलोक कुमार मेहता ने कहा कि बिहार सरकार के एक मंत्री ने कहा है कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं , ऐसा बयान देने वाले मंत्री को उनके पद से हटाया जाए । यह सदन और सभी सदस्य का अपमान है।

संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि किसी के द्वारा यह कहना कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं यह बिल्कुल गलत है। यह कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में शराब बंदी की नीति अपनाई गई और सदन के सभी दलों के सदस्यों ने एक स्वर से इसका समर्थन किया था ।

हम लोगों को यह संज्ञान में नहीं है कि यह बात किसने कही है। वहीं राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कि सदन के सभी सदस्य शराब पीते हैं और उनकी जांच होनी चाहिए और यह बिल्कुल गलत है। इसलिए इस तरह का बयान जिसने भी दिया गलत है।

बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। ग्रामीण कार्य विभाग के बजट पर विमर्श शुरू हुआ है। विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने 11312 करोड़ की मांग रखी।

 बिहार विधान परिषद में बुधवार को उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बेतिया राज की जमीन से जुड़े ध्यानाकर्षण के जवाब में कहा कि इस संबंध में एक्ट बनाया जा रहा है। इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने नोटिस भेजे जाने पर कहा कि यह जटिल मामला है, इस पर सभी सम्बंधित लोगों, जिलाधिकारी और कमिश्नर से बातचीत कर समस्या के समाधान पर विचार होगा। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है, इस पर तुरंत निर्णय दिया जाना ठीक नही है। इसके पूर्व इससे सम्बंधित महेश्वर सिंह द्वारा प्रश्नोतर काल मे सवाल भी किया गया था।

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना किसी भी किसान को योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। पीएम किसान की अगली क़िस्त सभी किसानों को जाएगी। सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रेस वार्ता में प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल भी मौजूद रहे

विधानपरिषद में मंत्री अशोक चौधरी और राजद विधानपार्षद सुनिल कुमार सिंह के बीच बहस। सुनिल सिंह ने टिप्पणी की- नकली डिग्री कैसे मिली, ये पता है। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि चुनौती देते हैं, नकली डिग्री साबित करें नहीं तो इस्तीफा दें। इसपर सुनिल सिंह ने कहा कि मंत्री को भी पूरक पूछने पर ज्ञान को लेकर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अगले तीन सालों में 11020 टोले में संपर्क पथ बना दिए जाएंगे। इन टोलों में 14 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। ये सभी टोले 100-150 की आबादी वाले हैं। मंत्री बुधवार को विधानसभा में आए सवाल का जवाब दे रहे थे।

बिहार विधानसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्धगित कर दी गई है।

CPI (ML) प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा में कहा कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के वार्ड पार्षदों का मासिक भत्ता बढ़ाने पर राज्य सरकार विचार करेगी। वह बुधवार को तारकिशोर प्रसाद के ध्यानाकर्षण का जवाब दे रहे थे। वर्तमान में इन पार्षदों को क्रमशः 2500, 1500 और 1000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाता है।

 

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