August 6, 2026

महिलाओं और बेरोजगारों पर ममता का बड़ा दांव, मासिक भत्ते का ऐलान; घोषणा पत्र में ‘दीदी की 10 प्रतिज्ञा’ क्या?

पश्चिम बंगाल चुनावों के लिए राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। ‘दीदी की 10 प्रतिज्ञा’ नाम से चुनावी वादों का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री और टीएमसी की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने महिलाओं और बेरोजगारों के लिए मासिक भत्ते का ऐलान किया है। ममता ने कहा है कि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत, सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे, जबकि SC/ST वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,700 रुपये मिलेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जो युवा बेरोजगार हैं, उन्हें पॉकेट मनी के तौर पर हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे।

चुनावी घोषणा पत्र का ऐलान करते हुए ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के घोषणापत्र का मुख्य आधार “दीदी के 10 वादे” हैं, जो कल्याण और विकास के वादों का एक मिला-जुला रूप हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में 500 रुपये की बढ़ोतरी करने का वादा किया है; इसके बाद सामान्य वर्ग की महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता बढ़कर 1,500 रुपये और SC/ST लाभार्थियों को 1,700 रुपये हो जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पार्टी ‘बांग्लार युवा-साथी’ योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को दिया जाने वाला 1,500 रुपये के मासिक भत्ते को जारी रखेगी। उन्होंने वादा किया कि राज्य में अगली सरकार बनने पर किसानों (जिनमें भूमिहीन किसान भी शामिल हैं) की सहायता के लिए 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट पेश किया जाएगा।

अपने चुनावी वादों का ऐलान करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “हम ‘दुआरे चिकित्सा’ (घर-घर जाकर चिकित्सा सुविधा) की शुरुआत करेंगे। हम इसे हर बूथ पर शुरू करेंगे, हम ‘दुआरे चिकित्सा’ शिविरों का आयोजन करेंगे…” उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में ई लर्निंग की व्यवस्था शुरू करने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा, “हज़ारों स्कूलों को ई-लर्निंग सुविधाओं से आधुनिक बनाया जाएगा।” उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में, हम 7-8 नए ज़िले, ब्लॉक और यहाँ तक कि नई नगरपालिकाएँ भी बनाएँगे।”

1. लक्ष्मी भंडार योजना में वृद्धि: सामान्य वर्ग की महिलाओं को मासिक ₹1,500 (सालाना ₹18,000) और SC/ST वर्ग की महिलाओं को ₹1,700 (सालाना ₹20,400) की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

2. युवा साथी योजना: बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलने तक ₹1,500 प्रति माह (सालाना ₹18,000) का पॉकेट मनी भत्ता दिया जाएगा।

3. आवास का वादा: बंगाल के हर परिवार को ‘पक्का घर’ मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।

4. द्वारे चिकित्सा (घर-घर इलाज): हर ब्लॉक और शहर में वार्षिक स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को घर के पास इलाज की सुविधा दी जाएगी।

5. कृषि बजट और सहायता: किसानों के लिए ₹30,000 करोड़ का अलग कृषि बजट और भूमिहीन किसानों को विशेष सहायता दी जाएगी।

6. स्वच्छ पेयजल: राज्य के प्रत्येक घर में पाइप के जरिए पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।

7. शिक्षा का अपग्रेडेशन: ‘बंगाल शिक्षायतन’ योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को विश्व स्तरीय बनाया जाएगा, ई-लर्निंग शुरू किए जाएंगे।

8. बुजुर्गों को पेंशन: वर्तमान लाभार्थियों को निर्बाध पेंशन के साथ-साथ सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों तक इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।

9. आर्थिक केंद्र और बुनियादी ढांचा: बंगाल को पूर्वी भारत के व्यापार का प्रवेश द्वार बनाने के लिए नए बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स और ग्लोबल ट्रेड सेंटर का निर्माण किया जाएगा।

10. प्रशासनिक पुनर्गठन: प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाने के लिए 7 नए जिले और नए शहरी स्थानीय निकायों यानी नगरपालिकाओं का गठन किया जाएगा।

घोषणा पत्र का ऐलान करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैं बंगाल के लोगों से अपील करती हूं कि वे एकजुट हों और बंगाल को बचाने के लिए BJP के खिलाफ लड़ें। इस घोषणापत्र को जनता-केंद्रित रोडमैप बताते हुए बनर्जी ने कहा कि पार्टी के वादों का मकसद उस चीज का मुकाबला करना है जिसे उन्होंने केंद्र सरकार का बढ़ता दखल बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि बंगाल की पहचान की रक्षा करनी है। ममता ने कहा, “पश्चिम बंगाल में ‘अनाधिकारिक रूप से राष्ट्रपति शासन लागू’ किया गया, क्योंकि भाजपा जानती है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ेगा”

 

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