केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वैसे तो सिफारिशें 18 महीने के भीतर देना है लेकिन केंद्रीय कर्मचारी यह जानने को इच्छुक हैं कि आखिर किन-किन मुद्दों पर वेतन आयोग फैसला लेगा। अगर सरकार के नोटिफिकेशन को देखें तो इसमें उन बातों का जिक्र है जिसके बारे में वेतन आयोग मंथन करेगा।
नोटिफिकेशन के अनुसार, आयोग का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के बीच वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में संतुलन स्थापित करना है। इसी कड़ी में वर्तमान बोनस योजनाओं की जांच करने और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने पर भी फोकस रहेगा। नोटिफिकेशन में स्पष्ट रूप से यह भी उल्लेख है कि कर्मचारियों को उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहित करने के लिए सामान्य सिद्धांत, वित्तीय मानदंड और उत्पादकता से जुड़े पैमाने तय किए जाएंगे।
बता दें कि वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उत्पादकता से जुड़े बोनस और गैर-उत्पादकता बोनस दिया जाता है लेकिन इसकी सीमा और पात्रता वर्षों से लगभग स्थिर बनी हुई है। महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद बोनस की गणना के मानकों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में 8वें वेतन आयोग के तहत इस व्यवस्था को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप अपडेट किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा, वेतन आयोग मौजूदा भत्तों और उनकी पात्रता शर्तों की भी समीक्षा करेगा, जिससे यह संभावना बनती है कि बोनस के साथ अन्य लाभों में भी संतुलन और सुधार किया जा सकता है।
– केंद्र सरकार के औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारी
– अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी
– सशस्त्र बलों के कर्मचारी
– केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
– भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग के कर्मचारी
– संसद द्वारा स्थापित नियामक निकायों के सदस्य (आरबीआई को छोड़कर)
– सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों (केंद्र शासित प्रदेशों के अधीन) के अधिकारी और कर्मचारी
– केंद्र शासित प्रदेशों के अधीन न्यायिक अधिकारी
बता दें कि वेतन आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना देसाई कर रही हैं। रंजना देसाई की अगुवाई में तीन सदस्यीय समिति को रिपोर्ट सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में आयोग की संरचना और कार्यक्षेत्र (टीओआर) का पूर्ण विवरण दिया गया है। टीओआर में स्पष्ट किया गया है कि आयोग केवल सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन संशोधन तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भत्ते, बोनस, ग्रेच्युटी और प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन जैसे कई अन्य मौद्रिक लाभों की भी समीक्षा करेगा। पिछले आयोगों की तरह, यह समिति भी व्यापक वेतन सुधारों और लाभों में महत्वपूर्ण परिवर्तनों की सिफारिश करेगी।

