September 5, 2026

ममता बनर्जी को लोकसभा में लगेगा झटका, करीबी दे सकती हैं इस्तीफा; BJP में जाएंगी?

तृणमूल कांग्रेस को एक और सियासी झटका लगने के आसार हैं। कहा जा रहा है कि सुप्रीमो ममता बनर्जी की करीबी काकोली घोष दस्तीदार अब सांसद पद से इस्तीफा दे सकती हैं। हालांकि, इसे लेकर उन्होंने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। रविवार को ही उन्होंने पार्टी के जिला पदाधिकारी पद से इस्तीफा दिया है। इधर, पार्टी को अपने गढ़ फलता में ही करारी हार का सामना करना पड़ा है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सांसद के बेटे वैद्यनाथ घोष ने कहा कि काकोली ने टीएमसी की महिला मोर्चा के पद से भी इस्तीफा दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह सांसद पद भी छोड़ सकती हैं। अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सरकार में हुए स्कैंडल्स ने उनके परिवार की छवि को चोट पहुंचाई है।

उन्होंने कहा, ‘बारासात लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से टीएमसी छह सीटें हार गई। इसलिए इसकी जिम्मेदारी लेते हुए और पिछले 5 से 10 सालों से चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए मेरी मां ने यह कदम उठाया है।’

ममता बनर्जी के साथ अपनी मां के संबंधों को लेकर उन्होंने कहा, ‘वह अभी भी ममता बनर्जी के करीब हैं, लेकिन कोई कब तक इन सब चीजों को बर्दाश्त कर सकता है? पार्थ चटर्जी के समय में नौकरियां बेची गईं, जिससे कई लोग बेरोजगार हो गए। ज्योतिप्रिय मल्लिक को राशन घोटाले में गिरफ्तार किया गया। हम सबने आरजी कर अस्पताल वाली घटना भी देखी। इसका नुकसान हमें भी उठाना पड़ा। हम एक पढ़े लिखे और सम्मानित परिवार से हैं। इतने सारे भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी सरकार को कोई कब तक झेल सकता है? उंगलियां हम पर भी उठती हैं। सिर्फ निजी पारिवारिक रिश्तों की वजह से मेरी मां अब तक चुप थीं।’

भारतीय जनता पार्टी में उनके शामिल होने की अटकलों पर दस्तीदार ने कहा, ‘बात भाजपा में शामिल होने की नहीं है। मेरी मां बस यह स्टैंड ले रही हैं कि वह भ्रष्टाचार का हिस्सा नहीं बन सकतीं। उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी ही थी।’ खास बात है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने हाल ही में काकोली को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी है।

बारासात से चार बार की सांसद काकोली को तृणमूल के पुराने नेताओं में से एक माना जाता है। उनका इस्तीफा तृणमूल की चुनावी हार के बाद लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से उन्हें हटाए जाने और उनकी जगह वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को नियुक्त किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है।

काकोली ने तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे त्यागपत्र में औपचारिक रूप से बारासात और उत्तरी 24 परगना के आसपास के क्षेत्रों में खराब चुनावी प्रदर्शन के लिए जवाबदेही का उल्लेख किया गया है। लेकिन इसका राजनीतिक संदेश स्थानीय संगठनात्मक जिम्मेदारी से कहीं अधिक व्यापक प्रतीत हो रहा है।

 

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