इंडिया गठबंधन की बैठक में क्यों हिस्सा नहीं लेंगे विजय, TVK की मजबूरी या मास्टरप्लान?

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केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला करने और आने वाले चुनावों की रणनीति बनाने के लिए सोमवार को इंडिया गठबंधन की एक बड़ी बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कई विपक्षी दल हिस्सा लेने जा रहे हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गठबंधन के बदले समीकरण के बीच गठबंधन की बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इस बात को लेकर भी खूब अटकलें लग रही हैं कि इस बैठक में कौन सी पार्टियां हिस्सा लेंगीं और कौन सी पार्टी दूर ही रहेगी। DMK और आम आदमी पार्टी जैसे प्रमुख दल के बैठक से किनारा करने के बाद अब चर्चा है कि हाल ही में तमिलनाडु में झंडे गाड़ने वाली विजय की TVK भी इस मीटिंग में हिस्सा नहीं लेगी।

अभिनेता से नेता और अब मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने भले ही तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर कांग्रेस संग मिलकर सरकार बनाई हो, लेकिन पार्टी सोमवार को दिल्ली में बुलाई गई बैठक से दूर ही रहेगी। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं।

बता दें कि इंडिया गठबंधन की यह बैठक मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के बीच तालमेल बनाने, संसद के अंदर की रणनीति बनाने और NDA सरकार की नीतियों के खिलाफ भविष्य की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई है। ऐसे में मोटे तौर पर इस बैठक में केवल वही पार्टियां शामिल हो रही हैं जिनके पास लोकसभा या राज्यसभा में सांसद हैं। हालांकि TVK ने अभी तक लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा है। इसलिए संसद में कोई सांसद न होने के कारण, वह इस बैठक का हिस्सा नहीं बनेगी।

भले ही कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए विजय की पार्टी TVK से हाथ मिला लिया है और वह वहां सरकार में साझीदार है, लेकिन यह गठबंधन केवल राज्य स्तर तक ही सीमित है। TVK ने अभी तक आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय स्तर वाले ‘INDIA ब्लॉक’ की सदस्यता नहीं ली है। जानकारी के मुताबिक यह बैठक विशेष रूप से केवल उन दलों के लिए है जो इस गठबंधन के औपचारिक घटक हैं। चूंकि TVK इस गठबंधन का सदस्य नहीं है, इसलिए पार्टी को कथित तौर पर निमंत्रण नहीं भेजा गया है।

तमिलनाडु में द्रमुक के लिए कांग्रेस इस वक्त विलेन बनी हुई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद वहां के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। चुनाव के बाद कांग्रेस ने द्रमुक के साथ अपना सालों पुराना गठबंधन तोड़कर विजय का समर्थन कर दिया। इस कदम को DMK ने विश्वासघात का नाम दिया है। DMK ने ना सिर्फ इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है, बल्कि यह तक कह दिया कि वह अब इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं। ऐसे माहौल में TVK को बैठक में ना बुलाने की एक और वजह यह हो सकती है कि इससे गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह और ज्यादा खुलकर सामने आ जाती, जिससे कांग्रेस बचना चाहती थी।

हालांकि यह भी चर्चा है कि विजय जान बूझकर भी इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे और इसके पीछे उनकी एक सोची समझी रणनीति है। दरअसल विजय फिलहाल अपनी पार्टी को एक स्वतंत्र और मजबूत क्षेत्रीय ताकत के रूप में बनाए रखना चाहते हैं। जानकारों की माने तो वे किसी राष्ट्रीय गठबंधन के रंग में पूरी तरह नहीं रंगना चाहते हैं, जिससे क्षेत्रीय राजनीति पर असर पड़े।

 

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