लखनऊ अग्निकांड के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में हैं। उन्होंने सख्त निर्देश दिया है कि बेसमेंट में कोचिंग और नर्सिंग का संचालन नहीं होना चाहिए। वहीं, अलीगंज में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने को कहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये निर्देश मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाए। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद कार्रवाई की जाए। अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
अलीगंज में अवैध बिल्डिंग में अग्निकांड हुआ, उसे ध्वस्त किया जाएगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रवर्तन जोन-4 ने अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 के स्वामियों वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला एवं अन्य के खिलाफ नोटिस जारी किया है। नोटिस में जवाब तलब किया गया है कि संबंधित भवन का मानचित्र आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था जबकि मौके पर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। एलडीए ने भवन स्वामियों को निर्देश दिया है कि वह 15 दिन में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें।
अलीगंज अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद लखनऊ के सभी 750 से अधिक पंजीकृत और गैर-पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की कुंडली खंगाली जाएगी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. अश्विनी मिश्रा ने बताया कि इसके लिए चार राजकीय महाविद्यालयों (महोना, आशियाना, अलीगंज और राजाजीपुरम) के प्राचार्यों व प्रोफेसरों की अगुवाई में विशेष जांच समितियां गठित की गई हैं। यह टीमें बुधवार से ऑनलाइन व ऑफलाइन डेटा जुटाकर क्षेत्रवार औचक निरीक्षण करेंगी।
भवनों में फायर एनओसी,इमरजेंसी निकास वेंटिलेशन और पार्किंग प्रबंधन की कड़ाई से जांच होगी।जनसुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले मालिकों व ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई होगी।अधिकारी जल्द ही संस्थानों के संचालकों संग बैठक कर उन्हें सुरक्षा मानकों व बिजली सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक करेंगे।

