ऊर्जा सुरक्षा से लेकर साइबर सुरक्षा तक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए बड़े सुधार किए जा सकते हैं। युवाओं को पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ताकि, उद्योग जगत की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके। रणनीतिक सेक्टर को लेकर संवाद भी मजबूत किए जाएंगे, ताकि गलत व भ्रामक सूचना का प्रसार न हो सके।
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सचिवों के समूह की बैठक में मुख्य रूप से इन सेक्टर में रिफॉर्म का निर्देश दिया गया। सचिवों को यह भी कहा गया कि जिस तरह पिछले कुछ सालों में हमने इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर जोर दिया है, उसी प्रकार अब हमें स्वदेशी टेक्नोलाजी के विकास व उसके इस्तेमाल पर जोर देना होगा।
केंद्र के सभी विभागों व मंत्रालयों को एक टीम की तरह काम करने का निर्देश दिया गया और एक-दूसरे के साथ सहयोगात्मक रवैया रखते हुए इनोवेशन में एक-दूसरे की मदद करने के लिए कहा गया।
सभी विभागों के सचिवों के संबोधन में उन्होंने कहा कि एक सरकार को हमेशा युवा, आगे की सोचने वाला और गतिशील रहना चाहिए, जो आने वाली चुनौतियों और अवसरों के हिसाब से स्वयं को बदल सके। प्रधानमंत्री ने सभी सचिवों से जोर देकर कहा कि आम नागरिकों की भलाई को केंद्र में रखकर ही वे कोई भी फैसला करें।
हरेक फैसला और नीति आम आदमी के हित से जुड़े होने चाहिए। गत मार्च में पश्चिम एशिया संकट से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए कैबिनेट सचिव ने सचिवों के सात समूह का गठन किया था।
इन समूहों ने अपनी रिपोर्ट कैबिनेट सचिव को सौंप दी थी, जिसे गुरुवार को प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत किया गया। बैठक में कैबिनेट सचिव भी मौजूद थे।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दिए गए प्रस्तुतिकरण को देखने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्र की सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों की भलाई से जुड़ा हुआ है।
इसलिए ऊर्जा के क्षेत्र में हमें आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है। इसके लिए हमें इनोवेशन, ऊर्जा के अलग-अलग विकल्प और अपनी क्षमता का विस्तार करना चाहिए।
पश्चिम एशिया संकट के दौरान कच्चे तेल के दाम बढ़ने व आपूर्ति प्रभावित होने के बाद ऊर्जा के क्षेत्र में आयात पर निर्भरता खत्म करने की जरूरत महसूस होने लगी थी। उसी तरह टेक्नोलाजी की मदद से डिजिटल प्रणाली व इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह सुरक्षित बनाए जाने की आवश्यकता है।
उभरते हुए साइबर खतरों के प्रति लगातार सतर्क रहने की जरूरत है। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उन्होंने युवाओं को इनोवेशन के लिए आगे लाने के लिए कहा।
रणनीतिक सेक्टर को लेकर सक्रियता के साथ संवाद करने की जरूरत है, ताकि इसे लेकर जो गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं, उसे रोका जा सके।








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