सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज को दी राहत, योगी सरकार पर लगाया 10 लाख रुपये का जुर्माना
संभल हिंसा मामले के मुख्य आरोपी मुल्ला अफ़रोज़ को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), 1980 के तहत अफ़रोज़ की निवारक हिरासत (प्रिवेंटिव डिटेंशन) को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। अफरोज को राहत देने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगा दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज के इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें अफ़रोज़ के खिलाफ जारी हिरासत के आदेश को बरकरार रखा गया था। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार केवल पुलिस हिरासत में दिए गए किसी आरोपी के कबूलनामे को आधार बनाकर निवारक हिरासत का आदेश पारित नहीं कर सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी तरीके से NSA के तहत हिरासत का आदेश जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला संभल स्थित शाही जामा मस्जिद के अदालती आदेश पर हुए सर्वेक्षण के बाद भड़की हिंसा से जुड़ा है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। घटना के लगभग 54 दिन बाद पुलिस ने मुल्ला अफ़रोज़ को हिरासत में लिए गए बयान के आधार पर गिरफ्तार किया था।
