‘मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली बन गए’, CWC की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने रखी पांच मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कथित अनियमितताओं के कारण तुरंत हटाने की मांग की और चुनाव आयोग प्रमुख पर दबाव डालने के लिए नैतिक आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग की।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की एक अहम बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “देश भर में यह सर्वविदित है कि उनके निरंतर प्रयास सत्ताधारी पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए हैं। इन परिस्थितियों में उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें तत्काल पद से हटा दिया जाना चाहिए।”
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली बन गए हैं। यहां तक कि उनके अपने सहयोगी भी उन पर भरोसा नहीं करते। युवा सवाल उठाएंगे और उन्हें पद से हटा देंगे।”
खड़गे ने सीडब्ल्यूसी के सामने पांच मुख्य मांगें रखीं। इनमें मतदाता सूची में बदलाव से जुड़ा सारा डेटा सार्वजनिक करना, जिन मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं उन्हें अपील करने का मौका देना और सभी राजनीतिक दलों को समय पर आसान फॉर्मेट में मतदाता सूची उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की कि जहां गंभीर गड़बड़ियां पाई जाएं, वहां एक स्वतंत्र और समय-सीमा के भीतर जांच होनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए ताकि किसी को यह न लगे कि जानकारी छिपाई जा रही है।
खड़गे ने कहा, “हमें सीडब्ल्यूसी बैठक में यह संकल्प लेना चाहिए कि मतदाता सूची में पारदर्शिता हो और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष हो। संस्थाएं स्वतंत्र होनी चाहिए और हर भारतीय के वोट की सुरक्षा होनी चाहिए।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव आयोग पर दबाव डाला। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “इसके साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त पर दबाव डालने के लिए प्रधानमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा भी देना चाहिए।”
बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर और अन्य चुनावी मामलों से संबंधित निर्णयों और आदेशों पर 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्तियां उठाईं। रिपोर्ट की गई आपत्तियों में फॉर्म 6, मतदाता सूची से नाम हटाने और मतदाता सूची डेटाबेस तक पहुंच से संबंधित मुद्दे शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने पर सहमति जताई है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अन्य दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की मंजूरी के बिना निर्वाचन आयोग के नाम पर एकतरफा फैसले लिए।
