November 2, 2026

यूपी की 58 हजार ग्राम पंचायतों मे योगी सरकार करने जा रही बड़ा काम, सभी डीएम को ये निर्देश

योगी सरकार यूपी 58 हजार ग्राम पंचायतों में बड़ा काम करने जा रही है। योगी सरकार 58 हजार ग्राम पंचायतों में तकनीक आधारित नियोजन को बढ़ावा देने जा रही है। यूपी की ग्राम पंचायतें मिलकर विकसित उत्तर प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार करेंगी। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर साक्ष्य और सैचुरेशन आधारित योजनाएं तैयार करने की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ा जा रहा है। ग्राम्य विकास आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। भेजे पत्र में वीबी-जी राम जी के अंतर्गत सॉफ्टवेयर की उपयोगिता बढ़ाने और तकनीक आधारित नियोजन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके माध्यम से प्रदेश मुख्यालय से लेकर विकास खंड और ग्राम पंचायत स्तर तक अधिकारियों व कर्मचारियों की तकनीकी क्षमता विकसित की जाएगी। ग्राम पंचायत स्तर पर साक्ष्य आधारित एवं सैचुरेशन आधारित प्लानिंग के लिए वीजीपीपी (विकसित ग्राम पंचायत प्लान) पोर्टल तैयार किया गया है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं को व्यवस्थित और तकनीक आधारित तरीके से तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

योजना के तहत अधिकारियों-कर्मचारियों को पोर्टल के उपयोग, उसकी सुरक्षा और दूरदर्शी विकास योजनाएं तैयार करने की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण में प्रदेश मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों व संबंधित कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद आगामी एक सप्ताह के भीतर विकास खंड और ग्राम पंचायत स्तर के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए सभी जिलों की ग्राम पंचायतें अपने-अपने विकास खंडों से वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगी।

वहीं स्वामित्व योजना के तहत यूपी में 1.05 करोड़ से अधिक घरौनियों का निर्माण और वितरण किया जा चुका है। फार्मर रजिस्ट्री में भी 1.44 करोड़ से अधिक पंजीकरण पूरे किए जा चुके हैं। वर्ष 2017 से पहले घरौनी निर्माण और फार्मर रजिस्ट्री जैसी व्यवस्थाओं में उपलब्धि शून्य थी। इससे पहले राजस्व सेवाओं का दायरा मुख्य रूप से पारंपरिक अभिलेखों और कार्यालय आधारित प्रक्रियाओं पर निर्भर था। योगी सरकार ने इन सेवाओं को विस्तार देते हुए ग्रामीण संपत्ति के रिकॉर्ड और किसान संबंधी जानकारी को व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया। किसानों से जुड़े विवरण को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री का विस्तार किया गया। प्रदेश में एक करोड़ 44 लाख से अधिक फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी हैं और उत्तर प्रदेश इस मामले में देश में पहले स्थान पर है। अब डिजिटल रिकॉर्ड से किसानों की पहचान और विभिन्न कृषि योजनाओं से संबंधित पात्रता के सत्यापन में सुविधा मिल सकती है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017 से पहले ऐसी व्यवस्था की उपलब्धि शून्य थी। वर्तमान पहल किसानों से संबंधित विवरण को एक जगह व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव माना गया है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.