यूपी में एक यूनिट बिजली की क्या हो कीमत? 30 नवंबर तक ARR दाखिल करेंगी कंपनियां
यूपी में अगले साल एक यूनिट बिजली की दर क्या हो? यह तय करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। 30 नवंबर तक सभी बिजली कंपनियां नई दरों के लिए वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव दाखिल करेंगी। हालांकि, हैरानी वाली बात है कि पिछली दरें तय करते हुए नियामक आयोग ने उपभोक्ता हितों के कई मामलों पर आदेश दिए थे, लेकिन पावर कॉरपोरेशन ने इस पर अमल नहीं किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जुलाई में नियामक आयोग ने बिजली दरें तय की थीं।
बिजली दरें तय करते वक्त उसने टोल फ्री नंबर-1912 पर आने वाली शिकायतों के समाधान की व्यवस्था पारदर्शी बनाने के आदेश दिए थे। पावर कॉरपोरेशन ने अब तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनाई है। इसके अलावा एक किलोवॉट के घरेलू कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अपने घर में ही छोटी व्यापारिक गतिविधि पर अलग से वाणिज्यिक कनेक्शन से छूट के मसले पर भी नियामक आयोग ने प्रस्ताव मांगा था। इन तो पावर कॉरपोरेशन ने नीति बनाई और न ही कोई प्रस्ताव ही आयोग को दिया। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अगर पुराने आदेशों पर कोई फैसला लिए बिना एआरआर दाखिल किया जाता है तो उपभोक्ता परिषद उस पर आपत्ति दाखिल करेगा। आयोग से मांग की जाएगी कि आदेशों का पालन होने तक एआरआर स्वीकार ही न किया जाए।
