राम मंदिर के सीईओ जीतेंद्र मिश्र ने इंटरव्यू दिया था या नहीं, राजेश पांडे को ट्रस्ट ने दिया जवाब
अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की घटना के बाद बहुत कुछ बदल गया है। ट्रस्ट के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति भी हो गई है। नए सीईओ बनाए गए जीतेंद्र मिश्र की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सोमवार को अचानक सवाल उठने लगे। इन सवालों पर ट्रस्ट की तरफ से भी स्पष्टीकरण आ गया है। सीईओ की दौड़ में शामिल रहे पूर्व आईपीएस और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजेश पांडेय के एक चैनल को दिए गए पोडकास्ट के बाद इस बात की चर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है कि जीतेंद्र मिश्र ने इंटरव्यू नहीं दिया है। राजेश पांडेय ने यह दावा किया था कि सभी प्रतिभागियों में मेरा नाम सबसे आगे था। इसका कारण भी बताया था। अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरी ने सीईओ की नियुक्ति के लिए बनी समिति के गठन से लेकर जीतेंद्र मिश्र के नाम का ऐलान होने तक की पूरी प्रकिया के बारे में विस्तार से बताया है।
गोविंद देव गिरी ने बिना राजेश पांडेय का नाम लिए ही उन्हें जवाब दिया है। गोविंद देव ने कहा कि सीईओ की नियुक्ति में सबकुछ बेहद पारदर्शी तरीके से किया गया है। बताया कि 6 जुलाई 2026 की बैठक में सीईओ की नियुक्ति का फैसला किया गया और इसके चयन के लिए एक समिति का भी गठन किया गया। इसके बाद सीईओ के लिए योग्यता जारी करते हुए आवोदन मांगे गए।
गोविंद देव ने यह भी बताया कि एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र ने 11 अगस्त 2026 को पहली पाली में इंटरव्यू प्रक्रिया में भाग लिया। इसके बाद समिति ने 1 सितंबर को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें ट्रस्ट को दीं। इसमें टॉप थ्री में एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र, संजय प्रतापसिंह विश्वास राव और सुश्री श्रुति भारद्वाज के नाम थे। इन तीनों नाम थे। इन तीन में भी टॉप पर चल रहे जीतेंद्र मिश्र को सीईओ के लिए चुना गया।
गोविंद देव ने उस दावे को गलत बताया जिसमें कहा जा रहा था कि एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र 11-12 अगस्त को इंटरव्यू में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि टॉप थ्री में शामिल तीनों अभ्यर्थियों के हर दौर में भाग लेने, उनका मूल्यांकन करने और योग्यता के आधार पर चयन के सभी दस्तावेज़ी प्रमाण भी उपलब्ध हैं। सभी के इंटरव्यू में शामिल होने के दस्तावेजी प्रमाण के साथ ही पहचान भी दर्ज की गई है।
इस बीच पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय की भी सफाई आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि राम मंदिर के सीईओ के चयन को लेकर मीडिया में भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। कहा कि मेरा यह दावा कभी नहीं था कि मैं टॉप थ्री में हूं। इसका स्पष्टीकरण मैंने पॉडकास्ट में आगे कर दिया था कि मुझे किसी आधिकारिक स्रोत से इसकी जानकारी नहीं मिली थी, बल्कि सोशल मीडिया और अख़बारों के माध्यम से यह खबर मिली थी।
कहा कि यह अफ़वाह भी फैलाई गई कि मेरा दावा है कि राम मंदिर के सीईओ रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र कभी इंटरव्यू देने नहीं आए। यह भी पूरी तरह फेक और भ्रामक है। मैंने केवल इतना कहा था कि 11 अगस्त को जिस समय मेरा इंटरव्यू स्लॉट था, उस दौरान मैंने उन्हें वहां नहीं देखा।
