नाना पाटेकर ने रात के 2:30 बजे दोस्त को भेजा था मैसेज, डॉक्टर ने बताया फिर क्या हुआ
दिग्गज कलाकार नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। गुरुवार सुबह 5:20 पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया। शुरुआत में बताया गया था कि 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की गई थी। वहीं अब डॉक्टर ने बताया कि रात के 2:30 बजे से ही नाना पाटेकर परेशान थे। उन्हें बेचैनी हो रही थी। पढ़िए डॉक्टर का पूरा बयान।
डॉ. शेखर सालकर ने कहा, “हमें जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक, नाना पाटेकर ने रात के करीब 2.30 बजे अपने दोस्त को मैसेज कर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। हालांकि, रात काफी हो चुकी थी शायद इसलिए उनके दोस्त ने समय पर उनका मैसेज नहीं देखा। सुबह 4 जब उनका दोस्त उनके घर पहुंचा तब नाना को पसीना आ रहा था।”
डॉ. शेखर सालकर ने आगे बताया, “जब तक हमारी टीम वहां पहुंची, वे पहले से ही जमीन पर पड़े हुए थे, बेहोश थे और लगभग भी हरकत नहीं कर रहे थे। टीम ने सीपीआर (CPR) देना शुरू किया और सीपीआर जारी रखते हुए ही उन्हें अस्पताल शिफ्ट किया। उन्हें उनके घर से अस्पताल लाने में लगभग 10 मिनट लगे। जब वह उन्हें यहां लाए तब हमने उन्हें यहां भी सीपीआर दिया। लेकिन ऐसा लग रहा था कि उन्हें मृत ही लाया गया था।”
डॉ. शेखर सालकर ने बताया, “हमें मेडिको-लीगल केस दर्ज किया है और अब शव को पोस्ट-मॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। यह कार्डियक अरेस्ट था, लेकिन क्यों आया ये हमें नहीं पता। हमें बस इतना बताया गया कि वे दिल के मरीज थे और उनकी दवाएं चल रही थीं। इसके अलावा हमें कुछ नहीं पता। केयरटेकर के पास कोई फाइल भी नहीं थी जिससे हमें उनकी मेडिकल हिस्ट्री पता चल सके।”
सड़क हादसा, मारपीट, जहर खाने, यौन अपराध, संदिग्ध चोट या जलने जैसी घटनाओं में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का मेडिको लीगल केस दर्ज कराया जाता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर सबसे पहले मरीज का इलाज करते हैं। इसके बाद घटना से जुड़ी चोटों और मेडिकल स्थिति की पूरी जानकारी दर्ज की जाती है और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचना दी जाती है। डॉक्टर की यह रिपोर्ट आगे पुलिस जांच, अदालत में केस और कई मामलों में बीमा दावे के लिए अहम सबूत बन सकती है।
