October 1, 2026

राम मंदिर चढ़ावा केस: मनीष यादव ने 50 दिन की नौकरी में 16 बार की चोरी की कोशिश, 19 बार गैंग की मदद

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस चार्जशीट से नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी मनीष यादव अकेला ऐसा है, जिसे सीधे गणना कक्ष में ड्यूटी मिली और वहां पहुंचते ही वह चोरों के गैंग का सदस्य बन गया। राम मंदिर के कर्मचारी के रूप में उसकी कुल आयु 50 दिन की थी। उसकी नियुक्ति 15 अप्रैल 2026 को हुई और 4 जून 2026 को वह चोरी के आरोप में गिरफ्त में आ गया।

पुलिस चार्जशीट में सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को लेकर शामिल ब्योरे के मुताबिक 50 दिनों के कार्यकाल में उसने 16 बार चढ़ावा की धनराशि को व्यक्तिगत रूप से चुराने की कोशिश की और 19 बार वह अपने गैंग के सदस्यों को सहयोग करते हुए दिखाई दिया। उसके पास से राम मंदिर ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने 2 लाख की धनराशि बरामद की। इसके अलावा मनीष यादव खाते में सैलरी की धनराशि 21 हजार 624 रुपए जमा पाए गये।

दूसरी ओर चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ला और रमाशंकर मिश्रा यह दोनों ही अपने बाकी साथियों के साथ काफी शातिर निकले। इन दोनों ने चढ़ावा चोरी की अधिकतम धनराशि परिवार के सदस्यों पर खर्च की है। अविनाश उर्फ शनि के पास से ट्रस्ट ने 20 लाख 39 हजार की धनराशि रिकवर की थी। इसके पहले उसने अपने यूको बैंक के खाते में चार लाख 70 हजार 317 रुपए कैश जमा किया था। इसके अलावा 40 हजार और कैश जमा किया। इसके अतिरिक्त एक्सिस बैंक खाते में एक लाख 61 हजार कैश जमा किया। उसने अपने सहयोगियों राजपाल और अभिषेक मिश्रा के द्वारा भाई अभिषेक शुक्ला के खाते में 3 लाख 97 हजार 138 रुपए जमा कराया। उसे लोन अदा करने के लिए भी तीन लाख दिया। इसी तरह दूसरे भाई आशीष शुक्ला को ब्रेजा कार खरीदने के लिए छह लाख रुपए भी दिए। उसने अपने भाई अभिषेक के खाते में क्रमशः एक लाख और ढ़ाई लाख की अतिरिक्त धनराशि भी जमा की।

इसी तरह रमाशंकर मिश्रा जो कि राम मंदिर में 2024 से कार्यरत था उसने अपने पिता छेद्दू मिश्रा के इंडियन बैंक के एक-एक खाते में 10 लाख 80 हजार और दूसरे खाते में साढ़े 14 हजार जमा किया। उसने जमीन खरीदने के लिए अपने पिता को 12 लाख दिया। इसी तरह भाई विवेक के खाते में 9 लाख 43 हजार 750 रुपए जमा किए। बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित माता तारावती के खाते में 39 हजार की धनराशि जमा कराई तो बहन पूर्णिमा को भी 15 हजार दिए। उसने भाई के लिए जो कि सरयू तट पर फोटोग्राफी करता है, जिसने एक लाख तीन हजार में कैमरा भी खरीदा। उसके पास से ट्रस्ट को सात लाख 32 हजार की धनराशि और पुलिस ने 13 हजार के अलावा आभूषण भी बरामद किया जिसे उसने खुद खरीदा था।

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