November 7, 2026

‘हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे’, KMC चुनाव को लेकर कलकत्ता HC के आदेश पर बोले सीएम शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनावों के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने वाले कलकत्ता हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए शुभेंदु ने कहा, “हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मैं 13 नवंबर तक इंतजार करूंगा। उसके बाद, मैं सभी 209 वार्ड के लिए कोऑर्डिनेटर नियुक्त करूंगा।”

कोर्ट जाने वालों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो लोग चुनाव हारने वाले हैं वे कोर्ट में जाते हैं और जो चुनाव जीतने वाले हैं वे चुनाव की तैयारी करते हैं। हम चुनाव की तैयारी में हैं। हम जीतने वाले हैं।”

कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर राज्य चुनाव आयोग (SEC) को कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनाव से जुड़ा कोई भी नोटिफिकेशन जारी करने से तब तक रोक दिया, जब तक कि पेंडिंग मामला सुलझ नहीं जाता।

यह निर्देश जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस अर्जुन रॉय मुखर्जी की वेकेशन डिवीजन बेंच ने जारी किया। कोर्ट का अंतरिम आदेश कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में वार्डों के नए डिलिमिटेशन से जुड़ी कानूनी कार्रवाई के बीच आया है।

निर्देश के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग नगर निगम चुनावों के बारे में तब तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं कर सकता जब तक कि कोर्ट इस मामले का आखिरी फैसला नहीं कर देता। यह तब हुआ जब पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) को पत्र लिखकर वार्डों के डिलिमिटेशन में कथित गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग की।

पश्चिम बंगाल सरकार के KMC में वार्डों की संख्या बढ़ाने के फैसले को चुनौती देते हुए पहले एक याचिका दायर की गई थी। आने वाले चुनावों से पहले वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 कर दी गई है। इस आधार पर, कलकत्ता हाई कोर्ट ने अब कहा है कि राज्य चुनाव आयोग तब तक KMC चुनाव नहीं करा सकता जब तक डिलिमिटेशन मामले पर फैसला नहीं हो जाता।दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि उसके सामने रखे गए तथ्यों से प्रथम दृष्टया ऐसा कोई जानबूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं दिखता जिसका मकसद धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना हो।

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