बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनके भाई को ईशान आनंद सियासत में प्रोत्साहन भी दिया है। हालांकि, मायावती ने कहा था कि अगर आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीतिक से संन्यास लेंगे तो आकाश को पार्टी में वापस ले लिया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं है।
मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के फैसले में देरी का जिक्र करते हुए कहा कि आकाश आनंद को पूरी तरह से मुक्त कर दिया गया है। बीएसपी के सुप्रीम परिवार में यह टकराव चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि मायावती का परिवार भारतीय राजनीति और व्यापारिक हलकों में हमेशा उत्सुकता का केंद्र रहा है।
एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर देश की सबसे शक्तिशाली महिला नेताओं में शुमार होने तक, मायावती के जीवन के साथ-साथ उनके परिवार का सफर भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। चलिए मायावती के राजनीतिक सफर और उनके परिवार के बारे में समझते हैं।
मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को नई दिल्ली के सुचेता कृपलानी अस्पताल में एक जाटव (दलित) परिवार में हुआ था। उनके पिता प्रभु दास दिल्ली के मुख्य डाकघर में एक क्लर्क के रूप में कार्यरत थे, जबकि उनकी मां रामरती एक हाउस वाइफ थीं। प्रभु दास अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर थे और उन्होंने अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए काफी संघर्ष किया। मायावती के पिता का सपना था कि उनकी बेटी प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाए, लेकिन कांशीराम के संपर्क में आने के बाद मायावती ने राजनीति का रास्ता चुना।
मायावती ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सरकारी स्कूलों से पूरी की। इसके बाद उन्होंने 1975 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज से कला में स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की। 1976 में उन्होंने गाजियाबाद के वीएमएलजी कॉलेज से बीएड (B.Ed.) किया।
इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी (LL.B.) की पढ़ाई पूरी की। राजनीति में पूर्ण रूप से आने से पहले वे दिल्ली के जेजे जेपी कॉलोनी में एक शिक्षिका के रूप में कार्य कर रही थीं और साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं।
मायावती के परिवार में उनके अलावा छह भाई और दो बहनें हैं। उनके भाइयों के नाम आनंद कुमार, सिद्धार्थ कुमार, सुभाष कुमार, राजवीर सिंह, जितेंद्र कुमार और प्रवीन कुमार हैं। मायावती अपने भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। हालांकि, राजनीति की मुख्यधारा में आने के बाद मायावती ने सार्वजनिक मंचों पर परिवारवाद का विरोध किया, लेकिन उनके सबसे छोटे भाई आनंद कुमार और उनका परिवार समय के साथ बीएसपी संगठन और व्यापार में बेहद सक्रिय भूमिका में रहा।
मायावती के भाइयों में सबसे चर्चित नाम आनंद कुमार का है। आनंद कुमार शुरुआत में नोएडा प्राधिकरण में एक साधारण कर्मचारी के रूप में काम करते थे। हालांकि, 2000 के दशक में जब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं, तब आनंद कुमार ने नौकरी छोड़कर रियल एस्टेट और विभिन्न व्यवसायों में कदम रखा। देखते ही देखते उन्होंने कई कंपनियां शुरू कीं। 2019 में मायावती ने आनंद कुमार को बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया, जिससे पार्टी में उनकी स्थिति बेहद मजबूत हो गई।
आनंद कुमार की शादी विचित्र लता से हुई है। विचित्र लता भी कई व्यावसायिक गतिविधियों और कंपनियों में आनंद कुमार के साथ निदेशक के रूप में जुड़ी रही हैं। मीडिया रिपोर्टों और विभिन्न वित्तीय जांचों के अनुसार, आनंद कुमार और उनके परिवार ने रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, होटल और मीडिया से जुड़ी दर्जनों कंपनियों में निवेश किया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में उनकी कंपनियों के पास कई प्रमुख संपत्तियां और प्रोजेक्ट्स रहे हैं।
मायावती के अन्य भाइयों की बात करें तो वे मीडिया की सुर्खियों से काफी हद तक दूर ही रहते हैं। सिद्धार्थ कुमार, सुभाष कुमार और राजवीर सिंह जैसे भाई दिल्ली और एनसीआर में अपने निजी व्यवसाय और परिवार के साथ जीवन यापन करते हैं।
मायावती के भाई आनंद कुमार और विचित्र लता के बेटे आकाश आनंद आज के वक्त में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। आकाश आनंद का जन्म 1995 में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली-एनसीआर में हुई, जिसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन (UK) चले गए। आकाश आनंद ने लंदन की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट (MBA) की डिग्री हासिल की है। शिक्षा पूरी करने के बाद वे भारत लौटे और राजनीति में सक्रिय हो गए।
मायावती ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद सहारनपुर की एक रैली में पहली बार अपने भतीजे आकाश आनंद को कार्यकर्ताओं से रूबरू करवाया था। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में मायावती पर चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए बैन के दौरान आकाश आनंद ने रैलियों को संबोधित किया। वे पार्टी के सोशल मीडिया और युवा विंग को आधुनिक बनाने में जुटे रहे। मायावती ने बाद में आकाश को बीएसपी का ‘नेशनल कोऑर्डिनेटर’ बनाया और दिसंबर 2023 में आधिकारिक तौर पर उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया।
मार्च 2023 में आकाश आनंद का विवाह बेहद धूमधाम से संपन्न हुआ, जिसने राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा बटोरी। आकाश आनंद की शादी डॉ. प्रज्ञा सिद्धार्थ से हुई है। डॉ. प्रज्ञा पूर्व बीएसपी सांसद और मायावती के भरोसेमंद रहे डॉ. अशोक सिद्धार्थ की बेटी हैं। प्रज्ञा पेशे से एक डॉक्टर हैं। इस शादी में बीएसपी के कई वरिष्ठ नेताओं के अलावा राजनीतिक और व्यावसायिक जगत की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की थी। इस रिश्ते ने बीएसपी के भीतर पारंपरिक और समर्पित कैडर के साथ पारिवारिक जुड़ाव को और मजबूत किया था। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक ऐसी बदली है कि आकाश आनंद को कई बार मायावती के गुस्से का सामना करना पड़ा।
वहीं आज के वक्त में मायावती की फैमिली ट्री का मुख्य राजनीतिक केंद्र मायावती खुद, उनके भाई आनंद कुमार, और उनके भतीजे आकाश आनंद हैं। एक तरफ जहां मायावती सर्वोच्च सर्वसर्वा के रूप में पार्टी के सभी बड़े नीतिगत फैसले ले रही है, तो दूसरी ओर उन्होंने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
इसके अलावा मायावती आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद को राजनीति में लेकर आ गई हैं। मायावती ने बसपा में एंट्री के साथ ही ईशान आनंद को पद दिया गया है। हासिल किया है। मायावती ने उन्हें मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया है। ईशान अपने कार्यों की रिपोर्ट सीधे बसपा सुप्रीमो मायावती और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अपने पिता आनंद कुमार को करेंगे।
ऐसे में पार्टी में उनका कद दूसरी पंक्ति के शीर्ष नेताओं में हो गया है। वे नॉर्थ इंडिया के सेक्टर वन एवं सेक्टर टू के तहत आने वाले राज्यों के मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। इन प्रदेशों का दौरा कर वहां पार्टी की गतिविधि को आगे बढ़ाएंगे।
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मायावती ने बृहस्पतिवार सुबह अपने आधिकारिक X हैंडल पर जारी किए गए बयान में कहा है कि आकाश आनंद डबल माइंड से काम कर रहे थे। पढ़िए पूूरी खबर…