अपने घर को कन्वर्ट कर सकते हैं होम स्टे में, रहने के साथ होगी आय भी; यूपी सरकार ने पॉलिसी में किया है कुछ बदलाव
उप्र की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) और होम स्टे नीति, 2025 में पर्यटन विभाग ने परिवर्तन किया है। बी एंड बी और होम स्टे में अब आठ कमरों या 16 बेड तक के संचालन की अनुमति पर्यटन विभाग द्वारा जारी की जा सकेगी। अब तक छह कमरों या 12 बेड के संचालन की अनुमति दी जाती थी। इससे होम स्टे संचालकों के साथ ही पर्यटकों को लाभ होगा।
उन्हें सस्ते कमरे और खाने के साथ पारिवारिक माहौल भी मिलेगा। महानिदेशक पर्यटन अमृत अभिजात के अनुरोध पर शासन के उपसचिव चंदन कुमार ने नीति में परिवर्तन का शासनादेश जारी किया है।
आगरा को देश की पर्यटन राजधानी कहा जाता है। पिछले वर्ष ताजमहल देखने 71 लाख भारतीय और विदेशी पर्यटक आए थे। यहां एक दर्जन से अधिक सितारा होटल हैं। यहां बेड एंड ब्रेकफास्ट और होम स्टे में करीब 150 इकाइयां पंजीकृत हैं। पर्यटन नीति में किए गए बदलाव का लाभ बेड एंड ब्रेकफास्ट और होम स्टे में पंजीकरण कराने वाली इकाइयों को मिलेगा।
इसके अनुसार पंजीकृत इकाइयां पंजीकरण की अवधि समाप्त होने से पहले पोर्टल पर पंजीकरण का स्वयं नवीनीकरण करा सकेंगी। स्व-नवीनीकरण की यह व्यवस्था पंजीकरण समाप्त होने की तिथि से तीन माह पूर्व शुरू हो जाएगी, जिससे इकाई संचालकों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
हालांकि, पुरानी इकाइयों को पंजीकरण का नवीनीकरण कराने पर संशोधित पालिसी के अनुसार कमरों की संख्या बढ़ाने का लाभ मिलेगा या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने बताया कि बेड एंड ब्रेकफास्ट और होम स्टे नीति में पंजीकरण कराने वाली नई इकाइयों के लिए यह व्यवस्था रहेगी। पुरानी इकाइयों को पंजीकरण का नवीनीकरण कराने पर संशोधित नीति का लाभ देने को स्पष्टीकरण के लिए निदेशालय को पत्र भेजा जाएगा।
लीज पर लिए गए भवनों की लीज न्यूनतम तीन वर्ष की होनी चाहिए। 16 बिस्तरों वाली डारमेट्री पात्र मानी जाएगी। आठ कक्षों से अधिक के आवासीय भवन, होटल, गेस्ट हाउस आदि का योजना में पंजीकरण नहीं होगा।
