भारतीय टीम के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने रविवार को एशिया कप 2025 के सुपर चार चरण के मैच में पाकिस्तान के खिलाड़ियों द्वारा मनाए आक्रामक जश्न और अनुचित भावभंगिमा के इस्तेमाल करने के बावजूद संयम बनाए रखने के लिए मंगलवार को अपनी युवा टीम की तारीफ की। भारत ने अभिषेक शर्मा के 39 गेंदों पर 74 रनों की शानदार पारी की बदौलत इस मैच में छह विकेट से आसान जीत दर्ज की। मैच के दौरान पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान के बल्ले से ‘बंदूक चलाने’ जैसा इशारा किया तो वहीं तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने ‘विमान गिरने’ का इशारा किया। रऊफ गेंदबाजी के दौरान अभिषेक और शुभमन गिल की सलामी जोड़ी से बहस करते भी दिखे।
‘हम पूरी तरह से क्रिकेट पर टिके रहे।’
डोएशे से जब पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान तनावपूर्ण पलों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गिल, अभिषेक और तिलक वर्मा की परिपक्वता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन युवा खिलाड़ियों ने पाकिस्तान की हरकतों में न फंसते हुए मैच को धैर्यपूर्ण तरीके से खत्म किया। डोएशे ने फरहान के जश्न पर कहा, ‘‘उनकी शुरुआत बहुत अच्छी थी। मुझे नहीं लगता कि वे इसमें बहुत बहक गए।’’ बुधवार को बांग्लादेश के खिलाफ मैच से पहले नीदरलैंड के इस पूर्व खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि स्थिति को देखते हुए आप समझ सकते हैं कि खिलाड़ी ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं और वे क्या दिखाना चाहते हैं। हम हालांकि अपने व्यवहार पर बहुत केंद्रित थे। मुझे लगता है कि हम पूरी तरह से क्रिकेट पर टिके रहे।’’
‘मैंने हारिस रऊफ की हरकत देखी’
उन्होंने कहा, ‘‘उस समय, पाकिस्तान के गेंदबाज की हरकत और मैच के दौरान कुछ शब्दों के कारण हमारा आपा खोना आसान था। मुझे लगता है कि खिलाड़ियों ने अपना ध्यान पूरी तरह से मैच पर केंद्रित रखा।’’ भारत के सहायक कोच ने कहा, ‘‘मैंने हारिस (रऊफ) की हरकत के कुछ हिस्से देखे हैं और यह हमारी चिंता का कारण नहीं है। हमें इस बात पर बहुत गर्व है कि हमारे खिलाड़ियों ने खुद को कैसे संभाला।’’ डोएशे ने संकेत दिया कि पहलगाम हमलों के मद्देनजर पाकिस्तान टीम के साथ भारत की ‘नो हैंडशेक पॉलिसी (हाथ न मिलाने की नीति)’ के कारण ये प्रतिक्रिया हुई होंगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे खिलाड़ियों ने मैदान पर अपने बल्ले से जवाब दिया। मुझे लगता है कि अन्य टीमों को भी हमारे द्वारा की गई कुछ चीजों से दिक्कतें हैं, लेकिन हमारी तरफ से हम इस बात से खुश हैं कि हमारे खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में खुद को कैसे संभाला है।’’

