छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने किया आत्मसमर्पण, हाथों में पकड़ी संविधान की कॉपी

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छत्तीसगढ़ में आज 208 नक्सली 153 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया और अब वो पुनर्वास की प्रक्रिया से गुज़रेंगे। बस्तर के जगदलपुर में 208 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अपने हथियार डाल दिए। उनके हाथों में भारत के संविधान की प्रति थी।

अधिकारियों ने बताया कि इससे अबूझमाड़ का अधिकांश हिस्सा नक्सली प्रभाव से मुक्त हो जाएगा और उत्तरी बस्तर में लाल आतंक का अंत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अब केवल दक्षिणी बस्तर ही बचा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र नक्सल हिंसा से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।

छत्तीसगढ़ में आज 208 नक्सली 153 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया और अब वो पुनर्वास की प्रक्रिया से गुज़रेंगे। बस्तर के जगदलपुर में 208 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अपने हथियार डाल दिए। उनके हाथों में भारत के संविधान की प्रति थी।

अधिकारियों ने बताया कि इससे अबूझमाड़ का अधिकांश हिस्सा नक्सली प्रभाव से मुक्त हो जाएगा और उत्तरी बस्तर में लाल आतंक का अंत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अब केवल दक्षिणी बस्तर ही बचा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र नक्सल हिंसा से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार को 120 नक्सली आत्मसमर्पण के लिए बीजापुर पहुंचे जबकि बुधवार को 50 नक्सली कांकेर जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शिविर में पहुंचे थे। बताया गया कि ये सभी 170 नक्सली शुक्रवार को जगदलपुर में मुख्यमंत्री साय के समक्ष औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे।

पिछले दो दिन में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण- विष्णुदेव साय

विष्णुदेव साय ने एक बयान में कहा कि पिछले दो दिन में 258 नक्सलियों के आत्मसमर्पण से यह सिद्ध होता है कि आज बंदूक नहीं बल्कि विश्वास की ताकत जीत रही है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में साय ने कहा, ‘‘बीते दो दिन में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि अब बंदूक नहीं, विश्वास की शक्ति जीत रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज नक्सलवाद के अंत की दहलीज पर है।’’

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