भारत सरकार ने अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर दिए गए बयान को गलत बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल आठ बार बातचीत की है। दरअसल, लुटनिक ने दावा किया था कि भारत के साथ व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।
इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने लुटनिक की टिप्पणियों को गलत बताया और कहा कि दोनों पक्ष (भारत-अमेरिका) कई बार डील के करीब थे, फिर भी आपसी फायदे वाली डील में दिलचस्पी है। पीएम मोदी और ट्रंप ने 2025 के दौरान 8 बार बात की। इस तरह भारत सरकार ने अमेरिकी दावों की हवा निकाल दी और साफ कर दिया कि ट्रंप व मोदी के बीच बातचीत होती रही है।
लुटनिक ने गुरुवार को एक ‘पॉडकास्ट’ में कहा कि उन्होंने मोदी से राष्ट्रपति को फोन करके समझौते को अंतिम रूप देने का अनुरोध किया था। हालांकि, भारत ऐसा करने में असहज महसूस कर रहा था, इसलिए मोदी ने फोन नहीं किया। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपीन और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते किए हैं लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि भारत के साथ व्यापार समझौता इन देशों से पहले हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘…हमने इंडोनेशिया, फिलीपीन और वियतनाम के साथ कई समझौते किए और उनकी घोषणा भी कर दी। ये सभी समझौते इसलिए ऊंची दरों पर किए गए क्योंकि बातचीत के दौरान यह मान लिया गया था कि भारत पहले ही प्रक्रिया पूरी कर लेगा… लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नतीजतन, जिन देशों के साथ पहले समझौते हुए, वे महंगे या ऊंची दर पर तय हुए। फिर बाद में जब भारत ने संपर्क (फोन) किया और कहा, ‘‘ ठीक है, हम तैयार हैं’’ तो मैंने उनसे कहा ‘‘ किस बात के लिए तैयार हैं?
दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। इस समझौते में अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर लगने वाले 50 प्रतिशत शुल्क के समाधान के लिए एक ढांचागत समझौता शामिल है।

