BMC चुनाव के नतीजों का ऐलान जारी है। बीएमसी समेत 20 नगरपालिकाओं में भाजपा की लहर नजर आ रही है। वहीं, कांग्रेस लातूर और चंद्रपुर में मजबूत बनी हुई है। बृह्नमुंबई महानगरपालिका समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में चुनाव गुरुवार को हुए थे। इसके बाद शाम 5 बजे तक अंतिम नतीजे जारी हो सकते हैं। खास बात है कि बीएमसी में करीब 9 साल के बाद चुनाव हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि 2026 के चुनावों ने 2017 में हुई वोटिंग के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य में 893 वार्डों की 2,869 सीट के लिए मतदान हुआ था। 15,931 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला कुल 3.48 करोड़ मतदाताओं के हाथ में है। चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम के तहत, दो दशक पहले अलग हुए चचेरे भाई उद्धव और राज ठाकरे मराठी मतदाताओं को एकजुट करने के लिए फिर साथ आए, वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में राकांपा (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के प्रतिद्वंद्वी गुटों ने गठबंधन किया है। असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली AIMIM मालेगांव के 20 वार्डों में आगे चल रही है। खास बात है कि 84 वार्ड वाले मालेगांव में भाजपा 2 सीटों पर बढ़त के साथ पांचवे स्थान पर है। 18 सीटों पर बढ़त लेकर दूसरे स्थान पर शिवसेना है। सपा 6 सीटों, कांग्रेस 3 पर आगे चल रही है। महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों पर कहा, “सबसे पहले, मैं मुंबई के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं और भाजपा गठबंधन पर भरोसा जताने के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं… यह जनादेश मुंबई के विकास के लिए दिया गया है। हमने मेट्रो रेल नेटवर्क, कोस्टल रोड और ट्रांस हार्बर लिंक जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स उन्हें समर्पित करके मुंबई के लोगों का भरोसा जीता है, और यह जनादेश शहर के विकास के लिए मुंबई के लोगों की इच्छा को दिखाता है… महाराष्ट्र के 29 निकायों के कुल 2869 वार्डों में से 2105 के रुझान सामने आ चुके हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा 1081, शिवसेना 293, कांग्रेस 191, शिवसेना यूबीटी 137, एसीपी 119, एआईएमआईएम 67, एनसीपी एसपी 19, वीबीए 14, मनसे 9 औऱ अन्य 175 पर आगे चल रहे हैं। बीएमसी चुनाव परिणाम: शिवसेना की रेखा यादव ने बीएमसी चुनाव में कांग्रेस की अपनी प्रतिद्वंद्वी शीतल म्हात्रे को 2,000 मतों से हराकर जीत हासिल की। भाजपा की तेजस्वी घोसालकर ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव में शिवसेना-उबाठा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 10,000 से अधिक मतों से हराकर जीत हासिल की। मुंबई: बीजेपी आगे पुणे: बीजेपी आगे कल्याण-डोंबिवली: शिंदे सेना आगे ठाणे: शिंदे सेना आगे नवी मुंबई: बीजेपी आगे मीरा-भायंदर: बीजेपी आगे उल्हासनगर: बीजेपी आगे वसई-विरार: बीजेपी आगे भिवंडी: कांग्रेस आगे पनवेल: बीजेपी आगे नागपुर: बीजेपी आगे पिंपरी-चिंचवड़: बीजेपी आगे नाशिक: बीजेपी आगे छत्रपति संभाजी नगर: बीजेपी आगे कोल्हापुर: कांग्रेस आगे सांगली-मिरज-कुपवाड़: बीजेपी आगे सोलापुर: बीजेपी आगे मालेगांव: शिंदे सेना आगे अहिल्यानगर: एनसीपी (अजित पवार) आगे जलगांव: बीजेपी और शिंदे सेना आगे धुले: बीजेपी आगे इचलकरंजी: बीजेपी आगे नांदेड़: बीजेपी आगे परभणी: मतगणना जारी जालना: बीजेपी आगे लातूर: कांग्रेस आगे अमरावती: बीजेपी आगे; कांग्रेस से कड़ी टक्कर अकोला: बीजेपी आगे चंद्रपुर: कांग्रेस आगे दशकों से बीएमसी पर शासन करने वाली उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवेसना (पहले अविभाजित) के हाथों से सबसे अमीर निकाय छिटकता नजर आ रहा है। 227 वार्डों में से 180 के रुझान सामने आ चुके हैं। फिलहाल, भाजपा 80 पर आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना यूबीटी को 60 पर बढ़त हासिल है। जबकि, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 26 और मनसे को महज 5 पर बढ़त मिली है। इस लिहाज से महायुति 100 का आंकड़ा पार कर चुकी है। कांग्रेस 6 वार्डों में आगे चल रही है। एशिया के सबसे अमीर निकाय बीएमसी चुनाव परिणाम भाजपा के लिए खुशखबरी लाते दिख रहे हैं। महायुति ने 167 वार्डों के रुझानों में से 102 में बढ़त हासिल कर ली है। कुल वार्डों की संख्या 227 है। वहीं शिवसेना यूबीटी 53 वार्डों में आगे चल रही है। जबकि, राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना महज 3 पर आगे है। महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भाजपा बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। ताजा रुझानों में भाजपा 29 में से 22 निकायों में आगे चल रही है। वहीं, शिवसेना ठाणे और उद्धव सेना परभणी में आगे चल रहे हैं। अजित पवार की एनसीपी अहिल्या नगर में आगे है। कांग्रेस को भी चंद्रपुर और लातूर में बढ़त हासिल है। इधर, वसई विरार में प्रकाश आंबेडकर की बहुजन विकास अघाड़ी बड़े दलों को पछाड़कर 65 वार्डों में आगे है। वसई विरार में प्रकाश आंबेडकर की अगुवाई वाली बहुजन विकास अघाड़ी बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। 115 वार्ड वाले वसई विरार में 112 पर रुझान सामने आ चुके हैं और वीबीए 65 पर आगे चल रही है। जबकि, भाजपा 45 पर है। यहां शिवसेना यूबीटी 2 सीटों पर आगे है। किसी अन्य पार्टी का रुझानों में खाता भी नहीं खुल सका है। एनसीपी नेता नवाब मलिक के भाई कैप्टन मलिक प्रभात को कांग्रेस उम्मीदवार अशरफ आजमी के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। आजमी ने मुंबई के वार्ट 165 में जीत हासिल की है। फिलहाल, मुंबई के 227 वार्डों में मतगणना जारी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना भी तीन वार्डों में जीत दर्ज कर चुकी है।

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महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड लहर देखने को मिल रही है। देश के सबसे अमीर नगर निकाय बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जहां अब तक शिवसेना का दबदबा रहा करता था। 227 सीटों में से 158 के अब तक रुझान आए हैं और भाजपा अकेले ही 65 पर आगे। उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना 18 पर आगे है, जबकि उद्धव सेना 52 पर आगे है। यह रुझान यदि नतीजों में बदले तो भाजपा की यह विक्ट्री ऐसी होगी कि हिस्ट्री रच दी जाएगी। ऐसा पहली बार होगा, जब बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होगी। यहां की सत्ता में सबसे आगे रहने का उसका पुराना सपना रहा है, जो अब पूरा होता दिख रहा है।

इसी तरह नागपुर की बात करें को यहां भी भाजपा बेहद मजबूत होकर उभरी है। जिले के 151 वार्डों में से 94 पर अकेले भाजपा ही आगे है। अब तक 129 सीटों के ही रुझान सामने आए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि कुल 151 सीटों के रुझान आने तक भाजपा अपने ही दम पर सेंचुरी लगा सकती है। वहीं भाजपा की सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को अब तक 2 सीटों पर ही बढ़त मिली है। आरएसएस के मुख्यालय वाले इस शहर में भाजपा के मुकाबले कोई दूर-दूर तक नहीं है और दूसरे नंबर वाली कांग्रेस महज 31 सीटों पर ही आगे है। इस तरह बीएमसी में ठाकरे परिवार का वर्चस्व खत्म होता दिख रहा है तो वहीं पुणे, नागपुर समेत कई शहरों में भाजपा का जलवा रहेगा।

ऐसा ही हाल पुणे का भी है। पुणे में भाजपा फिलहाल 47 सीटों पर आगे है। उसके अलावा अन्य सभी दल मिलकर भी 22 सीटों पर ही आगे हैं। इस तरह अजित पवार और शरद पवार मिलकर भी भाजपा के आगे पस्त हैं। भाजपा की यह विक्ट्री हिस्ट्री रचने वाली है। यह जीत सीएम देवेंद्र फडणवीस का कद पार्टी में बढ़ा देगी। इसके अलावा गठबंधन के अंदर भी वह और मजबूत हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि अजित पवार अलग लड़कर पराजित हो रहे हैं। इसके अलावा एकनाथ शिंदे की शिवसेना की रफ्तार भी सुस्त है। साफ है कि देवेंद्र फडणवीस का कद इससे बढ़ेगा और उनका ब्रांड मजबूत होगा।

यह चुनाव ठाकरे ब्रदर्स के लिए अस्तित्व के लिए संघर्ष वाला था, जिस लड़ाई को वह हारते दिख रहे हैं। अब आने वाले चुनावों में उद्धव सेना के लिए और मुश्किल होगा। ठाकरे परिवार की पावर पूरे महाराष्ट्र में कभी नहीं रही। लेकिन कुछ इलाकों में वह हमेशा मजबूत थी और इनमें मुंबई तो उसका गढ़ था। अब यहां की हार उसे गहरा दर्द देने वाली है।

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