कल यानी 23 जनवरी को बसंत पचंमी है। बसंत पंचमी में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही इसे मनाते है। इस बार बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार पड़ रहा है, जोकि मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। ऐसे में इस साल की बसंत पंचमी बेहद ही खास होने वाली है। मान्यता है कि बसंत पंचमी पर अगर मां सरस्वती की आराधना सच्चे मन से की जाए तो वो अपनी कृपा बरसाती हैं। आज जानिए कि कल के दिन वो कौन सा मंत्र है जिसका जाप करना बेहद ही जरूरी है। साथ ही जानें कि सरस्वती पूजा में कौन-कौन सी चीजें शामिल करनी है?
मां सरस्वती की पूजा को बहुत ही आराम और आसानी से किया जा सकता है। इस दिन सुबह स्नान करके पूजा घर में पीले रंग का कपड़ा बिछा दें। इसके ऊपर मां सरस्वती की मूर्ति या फिर तस्वीर को रखें। इसके बाद पीला फूल, अक्षत, सिंदूर समेत बाकी श्रृंगार की चीजें अर्पित करें। इस दिन मालपुआ का भोग लगाना काफी अच्छा माना जाता है। मालपुआ के अलावा पीले रंग की मिठाई और पकवान का भोग लगाएं। मां सरस्वती की आरती के बाद भूल-चूक के लिए माफी मांग लें। पूजा के बाद मां सरस्वती के नाम का प्रसाद लोगों में बांट दें।
या कुन्देन्दु तुषार हार धवला, या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा, या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिः देवी सदा वन्दिता॥
सावित्रे सरस्वती नमोऽस्तु ते॥
सरस्वती पूजा के दौरान 3 चीजों को जरूर शामिल करें। अगर आप स्टूडेंट हैं तो पूजा के दौरान अपनी किताबें, कॉपी और पेन को वहां शामिल जरूर करें। इस दौरान सच्चे मन से आराधना करें कि आपकी मेहनत को मां सरस्वती का आशीर्वाद जरूर मिले। साथ ही नौकरीपेशा लोग चाहे तो पूजा के दौरान अपनी जरूरी चीजों को वहां रख सकते हैं। मां सरस्वती को विद्या और कला की देवी कहा जाता है। ऐसे में मान्यता है कि मां सरस्वती की पूजा के दिन अपने काम और पढ़ाई से जुड़ी चीजों को जरूर उनके सामने रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

