यूपी के बिजनौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां गांव इनायतपुर में शुक्रवार शाम एक मां ने अपने दस वर्षीय बेटे को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई। गन्ने की छिलाई के दौरान अचानक खेत में घुसे गुलदार ने जब बालक पर हमला बोला तो महिला ने साहस दिखाते हुए दरांती से गुलदार का डटकर सामना किया। इस पर गुलदार वहां से भाग गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए घटनास्थल के पास दो पिंजरे लगवाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
इनायतपुर गांव के रहने वाले सुरेंद्र सिंह की पत्नी कुसुम देवी शुक्रवार शाम अपने दस वर्षीय बेटे प्रिंस के साथ गांव के पास ही गन्ने की छिलाई करने गई थी। कुसुम देवी छिलाई कर रही थी और प्रिंस वहीं पास में बैठा हुआ था कि अचानक गन्ने के खेत से निकले गुलदार ने प्रिंस पर हमला कर दिया। यह देख कुसुम देवी दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गई। कुसुम के साहस के आगे गुलदार टिक नहीं पाया और बालक को छोड़कर मौके से भाग निकला।
कुसुम देवी का शोर सुनकर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। कुसुम देवी घायल प्रिंस को लेकर गांव पहुंचीं और घटना के बारे में जानकारी दी। परिजन घायल प्रिंस को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां पर चिकित्सकों ने उपचार के बाद प्रिंस को घर भेज दिया।
ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी और घटनास्थल के पास गुलदार को पकड़वाने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग की। सूचना पर साहूवाला वन क्षेत्र की चौकी इनायतपुर पर तैनात वनकर्मी मौके पर पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली। साहूवाला वन क्षेत्राधिकारी रामवृक्ष ने बताया कि गांव जंगल से सटा हुआ है। घटना के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। अधिकारियों के आदेश पर घटनास्थल के पास गुलदार को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगवाए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि गन्ने की छिलाई के दौरान बच्चों को साथ न ले जाएं, साथ ही खेतों में कई लोग साथ जाएं और शोर मचाते हुए जाएं।

