October 19, 2026

नवरात्र से अयोध्या में रामलला के दर्शन का समय बदलेगा, नहीं जारी होंगे वीआईपी पास

नवरात्र से रामलला के दर्शन छह बजे से होंगे। दर्शन अवधि में बदलाव से सुबह शृंगार आरती का समय बदलेगा, जोकि भाेर में 5.30 से 5.50 बजे तक होगा। वर्ष प्रतिपदा से ही चैत्र रामनवमी मेला का शुभारम्भ हो रहा है। इसी तिथि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भी आगमन होना तय हो गया है। ऐसी स्थिति में उस तिथि पर वीआईपी दर्शन पास के अन्तर्गत सुबह सात बजे से रात्रि नौ बजे के बीच दो-दो घंटे के स्लाट के लिए ट्रस्ट द्वारा जारी किए जाने वाले सुगम व विशिष्ट दर्शन पास भी नहीं जारी किए जाएंगे। डा. मिश्र ने बताया कि विशिष्ट व सुगम दर्शन के जो पास ऑनलाइन बनाए जा चुके हैं, वह सभी पास भी स्वतः निरस्त माने जाएंगे।

आरती पास के संदर्भ में उन्होंने बताया कि मंगला आरती व शृंगार आरती एवं शयन आरती पास को लेकर विचार विमर्श चल रहा है। भीड़ की स्थिति को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन की सहमति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालु रामनवमी के अवसर पर मध्याह्न 12 बजे रामलला का प्राकट्योत्सव मनाने के बाद ही वापस लौटते हैं। इसके कारण अंतिम तिथियों में सभी तरह के पास निरस्त कर देर रात मंदिर का पट दर्शनार्थियों के लिए खोला जाता रहा है। सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर देखने वाले भी रामनवमी पर आते हैं।

किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी होने के उपलक्ष्य में ब्लॉक सभागार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव प्रसारण सुनने का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एडीओ कृषि अजय सिंह ने इस का आयोजन किया।

चैत्र नवरात्र के पहले दिन से शुरू होने वाले रामनवमी मेला में वैसे तो नौ दिवसीय अनुष्ठान के लिए ही यहां श्रद्धालुओं की भीड़ का आगमन शुरू हो जाता है। फिर भी अंतिम तीन दिवसों सप्तमी, अष्टमी व नवमी को यहां परम्परागत रूप से सर्वाधिक श्रद्धालुओं का आगमन होता है। इन दिनों विशेष सुरक्षा के प्रबंध रहेंगे।

चैत्र नवरात्र के पहले दिन से शुरू होने वाले रामनवमी मेला में वैसे तो नौ दिवसीय अनुष्ठान के लिए ही यहां श्रद्धालुओं की भीड़ का आगमन शुरू हो जाता है। फिर भी अंतिम तीन दिवसों सप्तमी, अष्टमी व नवमी को यहां परम्परागत रूप से सर्वाधिक श्रद्धालुओं का आगमन होता है। यहां आने वाले श्रद्धालु रामनवमी के अवसर पर मध्याह्न 12 बजे रामलला का प्राकट्योत्सव मनाने के बाद ही वापस लौटते हैं। इसके कारण अंतिम तिथियों में सभी तरह के पास निरस्त कर देर रात मंदिर का पट दर्शनार्थियों के लिए खोला जाता रहा है।

श्रीराम मंदिर की यज्ञशाला में गुरुवार से शुरू श्रीराम नाम मंदिर व श्रीराम यंत्र की स्थापना के सप्त दिवसीय अनुष्ठान के क्रम में शुक्रवार से श्रीराम जानकी महायज्ञ का भी शुभारम्भ हो गया है। इस अनुष्ठान के सहायक आचार्य व कारसेवक पुरम स्थित वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि इस महायज्ञ में एक लाख साठ हजार आहुतियां डाली जाएंगी। चतुर्वेदों के पारायण के साथ मंत्रों से आहुतियां डाली जा रही हैं।

 

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