योगी सरकार का बड़ा फैसला, फंसी संपत्तियां आवंटियों को मिलने का रास्ता खुला

Breaking India News Politics Uttar Pradesh

यूपी में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरणों में फंसी संपत्तियों को आवंटियों को देने के लिए एक मुश्त समाधान (ओटीएस) योजना लागू कर दी गई है। इस योजना से बिना दंड ब्याज दिए आवंटी अपनी संपत्तियों पर कब्जा पा सकेंगे। नक्शा स्वीकृत होने के बाद 90 दिनों तक पैसा न जमा करने वालों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। आवंटियों द्वारा पूर्व में जमा की गई धनराशि ओटीएस गणना में अधिक होने पर वापस नहीं की जाएगी।

प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद द्वारा शुक्रवार को जारी शासनादेश के मुताबिक ओटीएस योजना का लाभ सभी तरह की संपत्तियों पर मिलेगा। डिफाल्टर आवंटियों से संपत्ति आवंटन की तरह साधारण ब्याज लिया जाएगा। किसी प्रकार का दंड ब्याज नहीं लिया जाएगा। भुगतान को डिफाल्ट अवधि तक ओटीएस में बकाया मूल धनराशि में समायोजित किया जाएगा। ईडब्ल्यूएस के लिए 100 रुपये फीस और 5000 शुल्क लगेगा।

एलआईजी 500 व 10 हजार, अन्य श्रेणी की आवासीय व मिश्रित उपयोग की संपत्तियों तथा व्यावसायिक निर्मित दुकानों व भूखंडों पर 2100 फीस व 50 हजार शुल्क देना होगा। ग्रुप हाउसिंग 11 हजार फीस व पांच लाख रुपये शुल्क, संस्थागत संपत्तियां 11 हजार शुल्क पांच लाख शुल्क और मानचित्र के डिफाल्टरों को 5000 फीस और दो लाख रुपये शुल्क देना होगा। ओटीएस आवेदन पत्र के साथ जमा की जाने वाली राशि देय धनराशि में समायोजित की जाएगी। ओटीएस प्रोसेसिंग फीस को समायोजित नहीं किया जाएगा।

शासनादेश जारी होने के एक माह तक डिफाल्टरों को ई-मेल, एसएमएस, पत्र के माध्यम से सूचित किया जाएगा। आवेदन पत्र तीन माह तक स्वीकार होंगे। आवेदन ऑफलाइन व ऑनलाइन स्वीकार होंगे। आवेदन मिलने पर तीन माह में निस्तारित होगा। ओटीएस में आवेदन न करने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ओटीएस के बाद 50 लाख तक की धनराशि 1/3 पहली किस्त 30 दिन और शेष तीन मासिक किस्तों में तीन माह में देनी होगी। 50 लाख से अधिक होने पर 1/3 धनराशि 30 दिन और शेष तीन द्विमासिक किस्तों में छह माह में देना होगा। समय से पैसा न देने पर अतिरिक्त दंड ब्याज के साथ एक माह में जमा करने का मौका मिलेगा।

 

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *