अरविंद केजरीवाल एंड फैमिली को घर में रखने वाले ने भी छोड़ा साथ, कैसे इतनी बिगड़ी बात

Breaking India News

दिल्ली की राजनीति में शुक्रवार का दिन काफी हंगामेदार रहा। अरविंद केजरीवाल की पार्टी को उस समय काफी गहरा धक्का लगा, जब राघव चड्ढा के नेतृत्व में सात सांसदों ने पार्टी छोड़ने और सत्तारूढ़ भाजपा में विलय का ऐलान कर दिया। उन सात सांसदों में अशोक मित्तल का भी नाम शामिल है, जिन्होंने 2024 में जेल से छूटने के बाद अरविंद केजरीवाल को उनके परिवार को नई दिल्ली में 5, फिरोजशाह रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर रखा था। केजरीवाल ने उस घर को सांसदों की बगावत से कुछ ही घंटे पहले छोड़ा और नए सरकारी आवास में शिफ्ट हुए। इतने दिनों तक उनके घर में रहने के बावजूद केजरीवाल को उनके बगावत की भनक तक नहीं लगी।

आपको बता दें कि केवल अशोक मित्तल ही नहीं, बल्कि AAP के कई दिग्गज चेहरों ने एक साथ पार्टी को अलविदा कह दिया। उनमें अशोक मित्तल, राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी जैसे नाम शामिल हैं।

पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। राघव चड्ढा को 2 अप्रैल को केजरीवाल ने राज्यसभा में उप-नेता के पद से हटाकर अशोक मित्तल को नियुक्त किया था। सूत्रों के अनुसार, चड्ढा को खामोश करने की कोशिश की जा रही थी। चड्ढा अकेले इस्तीफा नहीं दे सकते थे क्योंकि उन पर दल-बदल विरोधी कानून लागू होता। दो-तिहाई बहुमत के साथ यह सामूहिक पलायन कानूनी बाधाओं को पार कर गया।

 मई 2024 में बिभव कुमार द्वारा कथित मारपीट के मामले के बाद से ही मालीवाल और पार्टी के बीच रिश्ते पूरी तरह टूट चुके थे।

सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल को इस बगावत की भनक लग गई थी। उन्होंने शुक्रवार शाम को सभी सांसदों को अपने घर बैठक के लिए बुलाया था। उन्होंने सांसदों से वादा किया था कि यदि वे पार्टी से खुश नहीं हैं और अभी इस्तीफा देते हैं, तो उन्हें अगले कार्यकाल में फिर से टिकट दिया जाएगा। इससे पहले कि यह बैठक हो पाती, सांसदों ने समय से पहले ही अपने इस्तीफे और भाजपा में शामिल होने की घोषणा कर दी।

 

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *