सुपर ओवर में घटिया सोच के साथ उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स, और हो गया बंटाधार

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अपना बेड़ा गर्क कैसे करना है? ये अगर किसी टीम को जानना है तो यह लखनऊ सुपर जायंट्स यानी एलएसजी से सीखा जा सकता है। पहले तो कप्तान ऋषभ पंत से यह गलती हो गई कि उन्होंने आखिरी ओवर से पहले स्पिनर के ओवर नहीं कराए, जहां 4 छक्के रिंकू सिंह ने दिग्वेश राठी के खिलाफ लगा दिए। वहीं, 156 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए लखनऊ की टीम जैसे-तैसे मैच को सुपर ओवर तक ले जाने में सफल हुई। हालांकि, सुपर ओवर में जो कांड लखनऊ सुपर जायंट्स ने किया? उसे किसी भी मायने में अच्छा नहीं कहा जा सकता।

लखनऊ सुपर जायंट्स ने एक ऐसे बल्लेबाज को सुपर ओवर में बल्लेबाजी के लिए भेजा, जिसके पास न तो मैच की फॉर्म थी, न इस आईपीएल में वह फॉर्म में था और हैरान करने वाली बात ये है कि इससे पहले सुपर ओवर में सिर्फ एक ही रन उस बल्लेबाज का चार पारियों में 9 गेंदों में था। चार बार वह आउट भी हो चुका था। पांचवीं बार केकेआर के खिलाफ पहली गेंद पर आउट हो गया। इस तरह 10 गेंद उसने टी20 क्रिकेट में सुपर ओवर में खेली हैं। सिर्फ एक रन बनाया है और पांच बार वह बल्लेबाज आउट हो चुका है। ये बल्लेबाज कोई और नहीं, बल्कि निकोलस पूरन हैं।

निकोलस पूरन इस मैच समेत कुल 5 बार सुपर ओवर में बल्लेबाजी के लिए टी20 क्रिकेट में उतरे हैं। सिर्फ एक ही रन पांच पारियों में उन्होंने बनाया है। हर बार वे आउट हुए हैं और यहां तक कि एक बार तो पांच गेंदों में भी खाता उनका नहीं खुला था। इस मैच में भी वे 12 गेंदों में 9 रन बना सके थे। आईपीएल 2026 में भी उनकी फॉर्म बहुत घटिया रही है। फिर भी पता नहीं कप्तान, कोच और मैनेजमेंट में से किसने उनका समर्थन किया? हालांकि, इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा, क्योंकि वे सुनील नरेन की पहली गेंद पर सुपर ओवर में बोल्ड हो गए, जिससे टीम पर दबाव आया और अगली दो गेंदों में एक और विकेट गिर गया।

महज एक रन ही सुपर ओवर में लखनऊ की टीम कोलकाता के खिलाफ बना सकी, जबकि दूसरी तरफ से प्रिंस यादव की पहली गेंद पर रिंकू सिंह ने केकेआर के लिए स्ट्राइक ली और बाउंड्री जड़कर मैच को फिनिश कर दिया। एलएसजी के लिए दूसरे बल्लेबाज इस मैच में आउट होने वाले एडेन मारक्रम थे। ऋषभ पंत ने तो फिर भी एक रन लेकर स्ट्राइक बदल ली थी। ये हार लखनऊ को आगे चलकर चुभने वाली है, क्योंकि टीम 6 मुकाबले अब तक पहले 8 मैचों में हार चुकी है। प्लेऑफ्स में पहुंचने के लिए कम से 16 अंक जरूर होते हैं, ज्यादातर सीजन।

लखनऊ की टीम इस मैच को कंट्रोल कर सकती थी और जीत सकती थी, लेकिन कप्तान, कोच और मैनेजमेंट की नाकामी की वजह से घर पर फिर से लखनऊ को हार का सामना करना पड़ा। लखनऊ की टीम ने घर पर चार मैच खेल लिए हैं और सभी मैचों में हार झेली है।

 

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