ढाई करोड़ की कार से आकर 45 रुपये का गमला चुरा लेते हैं; सीएम योगी का तंज

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UP News: लखनऊ में महापौर सुषमा खर्कवाल के तीन वर्ष पूरे होने पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह राजनीतिक हमलों, विकास योजनाओं और नगर सेवाओं के बड़े ऐलानों का मंच बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 413 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बीच विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा।

सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछली सरकारों के गड्ढे और कूड़ेदान भरने का काम किया है। उन्होंने जनता से सरकारी संपत्ति बचाने की अपील करते हुए तंज कसा कि “कोई ढाई करोड़ की कार से आता है और 45 रुपये का गमला चोरी कर ले जाता है। उससे ज्यादा का तो तेल लग जाता है। उन्होंने कहा कि एक समय मन में आया कि ऐसे लोगों की तस्वीर चौराहे पर लगाई जाए, ताकि जनता समझ सके कि सरकारी संपत्ति आखिर किसकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम, पार्षद और अधिकारियों के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जब सभी ने मिलकर काम किया तो लखनऊ की तस्वीर बदली और अब बाहर से आने वाले लोग भी कहते हैं कि लखनऊ साफ और सुंदर दिखता है।

उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें परिवारवाद में उलझी थीं, जबकि मौजूदा सरकार गरीबों और आम जनता के लिए काम कर रही है। सीएम ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में गरीबों के लिए एक भी मकान स्वीकृत नहीं हुआ, जबकि उनकी सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 17 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में 65 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराए।

सीएम ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में महिला सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती थी और महिला सुरक्षा के लिए खतरा सपा के लोग ही बने हुए थे। उन्होंने कहा कि अब योजनाओं का लाभ किसी एक परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता और गरीबों तक पहुंच रहा है।

प्रदेश में जारी बिजली संकट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संकट केवल उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि वैश्विक समस्या है। उन्होंने अमेरिका-ईरान तनाव का हवाला देते हुए कहा कि सप्लाई लाइन प्रभावित होने से असर पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि सरकार लगातार स्थिति संभालने में लगी है। उन्होंने बताया कि 2017 में प्रदेश में बिजली की पीक डिमांड 5 से 6 हजार मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 32 से 33 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। सीएम ने कहा कि एलपीजी बचाने के लिए अब लोग बड़े पैमाने पर बिजली से खाना बना रहे हैं, जिससे खपत तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में लोग बिजली के तारों पर कपड़ा सुखाने का काम करते थे क्योंकि बिजली आती ही नहीं थी।

 

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