August 11, 2026

संसद में लगातार हंगामे पर मायावती का निशाना, BJP-कांग्रेस पर लगाया ‘मिलीभगत’ का आरोप

संसद के मानसून सत्र में इस बार नीट परीक्षा, छात्रों पर हुई बर्बरता और राम मंदिर के चंदा चोरी के मुद्दे पर सदन बार- बार बाधित हो रहा है। ये हालत निचले सदन और उच्च सदन में बीते दस दिन में देखने को मिली है। सत्ता पक्ष के सदस्यों के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। वहीं, इस मुद्दे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सत्ताधारी और विपक्षी खेमे संसद को बाधित कर रहे।

बहुजन समाजवादी पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा, “जैसा कि सर्वविदित है, कुछ समय से सत्ताधारी और विपक्षी खेमों अर्थात् भाजपा और कांग्रेस और उनके सहयोगी दल, किसी न किसी मुद्दे पर संसद को बाधित कर रहे हैं। इससे जनता का ध्यान जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों से भटक रहा है। यह या तो केंद्र और राज्य सरकारों की कमियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उनके बीच की आंतरिक मिलीभगत हो सकती है या इन मुद्दों को संबोधित करने से बचने के लिए इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है। देश की जनता स्पष्ट रूप से देख सकती है कि क्या हो रहा है।”

मायावती ने आगे कहा, “अब देश के युवा यानी जेनरेशन जी अपनी अनेक समस्याओं को लेकर बेहद परेशान और चिंतित हैं। बसपा हमेशा से अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत उनके साथ खड़ी रही है और उनके साथ खड़ी रहेगी। उनका विरोध छात्रों और उनके अभिभावकों की समस्याओं से जुड़ा है। बसपा इसका समाधान खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”

मल्लिकार्जुन खड़गे की मांग अस्वीकार

वहीं, दूसरी ओर राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मल्लिकार्जुन खड़गे की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा कि वह हमेशा विपक्ष के नेता के दबाव में रहते हैं। एक बार स्थगित होने के बाद दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति ने प्रश्नकाल शुरू किया। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता खगे खड़े हुए और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग की। सभापति ने इसकी अनुमति नहीं दी और कहा कि उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों को भी ‘झारखंड मुद्दा’ उठाने की अनुमति नहीं दी है क्योंकि यह राज्य से जुड़ा विषय है। राधाकृष्णन ने कहा, ”विपक्ष के नेता राज्य से जुड़े विषय को उठा रहे हैं इसलिए इसे प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।”

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.