September 2, 2026

‘यूपी बदनाम हुआ…’, अखिलेश यादव के ‘चिलम’ वाले तंज पर भड़की भाजपा; चुनाव से पहले AI वॉर

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच AI से बनाए गए वीडियो को लेकर घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक वीडियो को लेकर भाजपा ने उन पर संतों, सनातन परंपरा और करोड़ों सनातनियों की आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया है। वहीं, अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भाजपा AI के जरिए उन्हें निशाना बनाकर गाने बना सकती है तो समाजवादी पार्टी भी उसका जवाब गानों से देगी।

मामला उस समय गरमा गया जब अखिलेश यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ऐसा वीडियो दिखाया, जिसे उन्होंने भाजपा से जुड़ा बताया। इसके बाद उन्होंने एक दूसरा वीडियो चलाया, जिसमें भगवा कपड़े पहने कुछ लोगों को मंदिर की दानपेटी से चोरी करते दिखाया गया था। वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिलम पीते हुए भी दिखाया गया था।

अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें एक और वीडियो भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समाजवादी पार्टी का वीडियो नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति ने उन्हें दिया है। इसके बाद चलाए गए वीडियो में मंदिर की दानपेटी से चोरी का दृश्य दिखाया गया। इसमें योगी आदित्यनाथ को चिलम पीते हुए दिखाया गया और गाने के बोल थे- ‘यूपी बदनाम हुआ, बाबा तेरे मारे…’

यह वीडियो उस गाने के जवाब के तौर पर सामने आया, जिसे कुछ भाजपा समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स ने शेयर किया था। उस वीडियो में अखिलेश यादव को ‘टीपू’ बताया गया और गाने के बोल थे- ‘यूपी बदनाम हुआ, टीपू तेरे मारे…’

वीडियो सामने आने के बाद यूपी भाजपा ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने सोशल मीडिया पर कहा कि अखिलेश यादव ने खुद अपना ‘मुखौटा’ उतार दिया है और सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साधु-संतों, सनातन परंपरा और करोड़ों सनातनियों की आस्था का अपमान किया है। भाजपा ने इसे अखिलेश यादव की ‘एंटी-सनातन’ मानसिकता का प्रदर्शन बताया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद जगदंबिका पाल ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें कुछ गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष क्या इतनी गिरावट तक पहुंच जाएगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिलम पीते हुए दिखाए। पाल ने कहा कि अखिलेश यादव के मन में किसी साधु या संत की तस्वीर क्या सिर्फ चिलम पीने वाले व्यक्ति की है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 में इसका जवाब देगी।

भाजपा की नाराजगी के बाद समाजवादी पार्टी ने भी उसी तरह योगी आदित्यनाथ को दिखाने वाला एक और वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ पार्टी ने लिखा- ‘उत्तर प्रदेश धुएं से घुट रहा है।’ यानी भाजपा के विरोध के बावजूद समाजवादी पार्टी ने अपने हमले को पीछे नहीं खींचा और उसी ‘चिलम’ वाली बात को दोहराते हुए पलटवार किया।

यूपी भाजपा के महासचिव सुब्रत पाठक ने भी समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। कन्नौज से 2024 में अखिलेश यादव से चुनाव हार चुके पाठक ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि संत हैं। उन्होंने कहा कि AI से बनाए गए इस वीडियो के जरिए योगी आदित्यनाथ को लेकर समाजवादी पार्टी की सोच सामने आ गई है। पाठक ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी किसी मुस्लिम धर्मगुरु को इस तरह नहीं दिखाएगी, भले ही वह मौलाना या मौलवी सार्वजनिक रूप से अपनी पत्नी का अपमान करे।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर भाजपा AI का इस्तेमाल करके उनके खिलाफ गाने बनाती है तो समाजवादी पार्टी भी उन गानों का जवाब गानों से देगी। इस तरह उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव से काफी पहले ही AI से तैयार वीडियो और गानों के जरिए भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक वार-पलटवार शुरू हो गया है।

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