September 22, 2026

सबने कर दी क्रॉस वोटिंग, 0 मिले वोट; भाजपा के साथ तो बहुत बड़ा खेला हो गया

बहुत से कुछ दूर होने के बावजूद भाजपा के सरकार बना लेने की खबरें तो आपने कई बार पढ़ीं होंगी। राजस्थान में भी कल अजमेर और पाली में यही देखा गया। लेकिन जयपुर से करीब 250 किलोमीटर दूर नागौर में एकदम उलट ही खेला हो गया। जिले की मुंडवा नगरपालिका में सबसे बड़ा दल होने के बावजूद भाजपा ना सिर्फ अपना चेयरमैन बनाने में नाकामयाब रही, बल्कि उसे बड़ी शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ी। यहां भाजपा के सभी पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग कर दी और भगवा दल के चेयरमैन उम्मीदवार को शून्य वोट मिले।

मुंडवा नगरपालिका में सोमवार को चेयरमैन के लिए हुई वोटिंग में कांग्रेस और हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने बाजी मार ली। 25 सीटों वाले नगरपालिका का चुनाव बेहद दिलचस्प रहा और भाजपा के शून्य पर सिमटने के बाद भी कांग्रेस-आरएलपी को एक ही वोट से जीत मिली।

मुंडवा में कांग्रेस और आरएलपी की साझा उम्मीदवार अलका देवी कंडोई ने 13 वोट पाकर चेयरमैन का चुनाव जीत लिया, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार घनश्याम सदावत महज एक वोट से चुनाव हार गए, जिन्हें कुल 12 पार्षदों के वोट मिले। भाजपा के नेता रहे सदावत को जब टिकट नहीं दिया गया तो उन्होंने बगावत करके निर्दलीय चुनाव लड़ा था।

मुंडवा नगरपालिका में कुल 25 वार्ड हैं। चुनाव में भाजपा ने सर्वाधिक 10 वार्ड में जीत हासिल करके चेयरमैन पद पर दावेदारी मजबूत कर ली थी। आरएलपी को सात और कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी, जबकि 5 वार्ड में निर्दलीय जीते। कांग्रेस और आरएलपी ने हाथ मिला लिया। आरएलपी की उम्मीदवार अलका देवी को साझा उम्मीदवार बनाया गया। आरएलपी के सात और कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों के साथ उनके कुल 10 वोट थे। हालांकि, अलका देवी को 13 वोट मिले। इसका मतलब है कि निर्दलीय या भाजपा पार्षदों में से तीन ने अलका के लिए वोट किया।

भाजपा खुद भले ही रेस से पूरी तरह बाहर थी लेकिन भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार घनश्याम सदावत ने कांग्रेस और आरएलपी के गठबंधन को कड़ी टक्कर दी। घनश्याम 12 वोट हासिल करने में कामयाब रहे, लेकिन महज एक वोट से वह चुनाव हार गए। सदावत इससे पहले भी पार्षद का चुनाव जीत चुके थे और भाजपा की वरिष्ठ नेता डॉ. ज्योति मिर्धा के करीबी बताए जाते हैं। फिर भी इस चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। भाजपा ने गीता देवी को अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन वह एक भी वोट नहीं पा सकीं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.