October 13, 2026

राम मंदिर में स्थानीय लोगों के लिए अलग से प्रवेश की तैयारी, आधार कार्ड से होगी एंट्री

राम मंदिर में अयोध्या वासियों को आधार कार्ड के माध्यम से रामलला का सीधे दर्शन सुलभ कराने की रुप रेखा जल्द तय होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा इस मामले में पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की ओर से रिपोर्ट मिली अथवा नहीं इसका खुलासा 15 अक्टूबर को होगा।

इस तिथि पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव ने धार्मिक न्यास समिति की बैठक बुलवाई है। पहली बार फिजिकल रूप से होने वाली इस बैठक में अयोध्या के संत-महंतों और गृहस्थों को रामलला का दर्शन सुलभ कराने के विषय पर मंथन किया जाएगा। इस बैठक में तैयार होने वाली रुपरेखा पर दो दिसंबर को ट्रस्ट की कार्यकारिणी में प्रस्ताव रुप में प्रस्तुत किया जाएगा। ट्रस्ट की मुहर या सुझाव के अनुसार अंतिम फैसला होगा। इसके साथ संत-महंत और गृहस्थों के लिए निर्धारित प्रवेश द्वार का भी फैसला होगा।

फिलहाल पहली शर्त खुफिया एजेंसियों और पुलिस प्रशासन की सकारात्मक रिपोर्ट है। यदि यह रिपोर्ट पक्ष में रही तभी मामला आगे बढ़ेगा। यदि यह विकल्प फेल हुआ तो दूसरे विकल्प के रूप में पहले से चली आ रही व्यवस्था है जिसमें स्थानीय दर्शनार्थियों का उनके आधार कार्ड के जरिए छह महीने का नियमित दर्शन पास मौजूद हैं। फिर भी इस व्यवस्था में राम मंदिर में अलग-अलग लेन निर्धारित करने का विषय प्रमुख हैं। स्थानीय संत-महंतों का कहना है कि अलग-अलग लेन नहीं होने के कारण होने वाली दिक्कतों के निदान को लेकर अलग लेन की मांग की गयी है।

जानकारी के अनुसार राम मंदिर की निर्माण समिति की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक भी 15 अक्टूबर से होगी। इसके लिए निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र अपने सहयोगियों के साथ यहां उसी दिन आएंगे। ऐसी संभावना जताई गई है कि धार्मिक न्यास समिति की बैठक में उन्हें जो भी आमंत्रित किया जाएगा। इस मामले में श्री मिश्र का सुझाव भी महत्वपूर्ण होगा। दूसरी ओर निर्माण समिति की बैठक में तीर्थ क्षेत्र महासचिव गोविंद देव भी पहली बार हिस्सा लेंगे और इसके साथ अन्तर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के निर्माण कार्यों का भी अवलोकन निर्माण चेयरमैन मिश्र के साथ करेंगे।

उधर, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस द्वारा जब्त की गईं दो कारों को रिलीज करने का आदेश कोर्ट ने दिया है। विशेष न्यायाधीश, एंटी करप्शन कोर्ट ने प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद संबंधित थाने से आख्या तलब की थी। आख्या मिलने के बाद अदालत ने निर्धारित जमानत राशि का बंधपत्र प्रस्तुत करने की शर्त पर दोनों वाहनों को रिलीज करने का आदेश पारित किया।

प्रकरण में आरोपियों के परिजन रवींद्र कुमार और अभिषेक ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जब्त कारों को रिलीज करने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने 12 अक्टूबर की तिथि नियत करते हुए संबंधित थाने से आख्या मांगी थी। आख्या प्राप्त होने के बाद अदालत ने दोनों वाहनों को उनके पंजीकृत स्वामियों के पक्ष में रिलीज करने का आदेश दिया। बंधपत्र की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित थाने से वाहन रिलीज किए जाएंगे।

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