October 31, 2026

देश में अफरा-तफरी फैलाने का प्लान था; पीएम मोदी ने गुजरात में कहा- अफवाहें फैलाईं गईं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से 14 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान युद्ध के समय अफवाहें फैलाईं गईं। किसानों को खाद के लिए डराया गया। बहनों को डरा दिया कि गैस नहीं मिलने वाला। इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था। ताकि ये मोदी को बदनाम कर सकें।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं देश के किसान भाइयों बहनों को याद दिलाना चाहता हूं कि मैंने कहा था मोदी आपके साथ मजबूती के साथ खड़ा रहेगा। ये युद्ध आज भी चल रहा है लेकिन मोदी ने खाद की कमी नहीं होने दी। दुनिया में युद्ध की वजह से बहुत कमी हो गई। इसकी कीमत भी बहुत बढ़ गई। सरकार ने किसानों पर बोझ नहीं पड़ने दिया। जो खाद की बोरी दुनिया में 3000 रुपये में मिल रही है वह भारत में 300 रुपये से कम में मिल रही है। डीएपी खाद की कीमत तो दुनिया में 5000 से अधिक हो गई, लेकिन भारत में वही बोरी 1350 रुपये में मिल रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की ताजा किस्त के तहत देश के करीब 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास पर लगातार ध्यान दे रही है। हमारी सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी है और उन्हें सशक्त बनाया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उर्वरकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई, लेकिन हमारी सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया।

गुजरात के बनासकांठा में जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि इस किस्त से गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को फायदा हुआ है। उनके खातों में एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा की गई है। अकेले बनासकांठा में लाखों किसान परिवारों के खातों में करीब 50 करोड़ रुपये पहुंचे हैं।

सभा में लोगों के पारंपरिक चारपाइयों पर बैठे होने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बनासकांठा ने गांवों की परंपराओं को फिर से जीवंत कर दिया है। उन्होंने कहा, “देश के लोगों के लिए यह देखना हैरानी की बात हो सकती है कि इस कार्यक्रम में शामिल सभी लोग चारपाइयों पर बैठे हैं। बनासकांठा ने हमारे गांवों की परंपराओं को फिर से जीवंत किया है। अगर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को इसकी जानकारी दी जाए तो वे इसे विश्व रिकॉर्ड मान लेंगे।”

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.