यूपी पंचायत चुनाव: इलाहाबाद HC के निर्देश ने बीजेपी की बढ़ाई मुश्किलें, सरकार के सामने ये हैं चुनौतियां
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से दिए गए निर्देश के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। दरअसल, हाई कोर्ट ने सरकार को अगले तीन महीने के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को पूरी करने का निर्देश दिया था जो काफी मुश्किल लग रहा है। हाई कोर्ट के इस निर्देश के बाद राज्य में पंचायत चुनाव की तैयारियों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार के लिए चुनौती यह है कि अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यूपी पंचायत चुनाव को संपन्न कैसे कराया जाएगा? हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनावों को संवैधानिक सीमाओं से आगे नहीं टाला जा सकता और मौजूदा ओबीसी आरक्षण ढांचे के तहत चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
पंचायत चुनाव को हाईकोर्ट के निर्देश के तहत कराए जाने को लेकर यूपी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती ओबीसी आरक्षण तय करना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए ‘ट्रिपल टेस्ट’ की प्रक्रिया अपनाना जरूरी है।
