महाराष्ट्र और गुजरात के सबसे बड़े पर्व गणेश चतुर्थी के रंग में अब पूरा देश रंगा हुआ नजर आता है। आज से गणेशोत्सव का शुभारंभ हो रहा है। हर साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि को ही गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस खास मौके पर लोग अपने घरों में गणपति की मूर्ति की स्थापना करते हैं। कुछ लोग एक दिन पहले भी भगवान की मूर्ति घर ले आते हैं। आज घरों में बप्पा की मूर्ति की स्थापना पूरे विधि-विधान के साथ होगी। आज कई लोग गणपति की मूर्ति खरीदने वाले हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर किस रंग की मूर्ति सबसे ज्यादा फलदायी और शुभ मानी जाती है। चलिए जानते हैं हर रंग के गणपति के महत्व के बारे में…
गणेश चतुर्थी की पूजा में भगवान गणेश की मूर्ति का विशेष महत्व है। इस मूर्ति का रंग भी बहुत मायने रखता है। धार्मिक आस्था के अनुसार भगवान गणेश जहां हर विघ्न को दूर करते हैं वहीं वो हर मनोकामना भी पूरी करते हैं। बाजार में कई तरह की गणपति मूर्ति मिलती है। 6 भुजाओं वाले भगवान गणेश को काफी शुभ माना जाता है। इनका रंग हल्दी जैसा पीला होता है। मानते हैं कि इस तरह के गणपति को घर में लाने से आर्थिक स्थिति हमेशा अच्छी रहती है।
गणेश चतुर्थी पर अगर लाल रंग के गणपति की छोटी सी मूर्ति की स्थापना वर्कप्लेस में करेंगे तो ये काफी शुभ माना जाता है। बच्चों के स्टडी रूम में सफेद रंग के गणपति की मूर्ति रखने से खूब लाभ मिलते हैं। भगवान गणेश का सबसे प्रिय रंग केसरी माना जाता है। ऐसे में केसरी रंग के गणेश मूर्ति का अपना एक अलग महत्व होता है। मान्यता है कि इस रंग की मूर्ति की स्थापना से भगवान गणेश सारे विघ्न दूर कर देते हैं। ऐसे में जिंदगी की गाड़ी आसानी से आगे बढ़ती जाती है।

