देश में नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर 2025 से जीएसटी रिफॉर्म्स (GST 2.0) लागू हो गए हैं और इसके साथ ही रोजमर्रा में इस्तेमाल किए जाने वाले किराना सामान, डेयरी प्रोडक्ट्स से लेकर टीवी-एसी और कार-बाइक्स तक तमाम चीजों के रेट में भी बदलाव होने जा रहा है और ये सस्ते हो गए हैं.
वहीं कुछ विलासिता से जुड़ी और हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स की मार बढ़ने वाली है यानी ये महंगी हो गई हैं. आइए जानते हैं आपके काम की कौन सी चीज अब किस टैक्स स्लैब में आएगी और कीमत में कितनी कमी देखने को मिलेगी?
जानिए आज से क्या-क्या सस्ता होगा-
सरकार ने GST में बदलाव करते हुए इसके नए टैक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को जरूरी वस्तुओं और व्यापक बाजार के उत्पादों को अधिक किफायती बनाने के लिए तैयार किया गया है. देश के आम आदमी के परिवार के लिए इसका मतलब है कि उन्हें अब किराने के बिल, डेयरी और उपकरणों की कीमतों पर राहत मिलेगी. राहत की शुरुआत घर की रसोई से होती है और इसे ध्यान में रखते हुए डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ ही खाद्य तेल, पैकेज्ड आटा और साबुन जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी संशोधित दरों के तहत सस्ती हो गईं हैं. इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई से जुड़े सामानों से लेकर दवाओं, कार-बाइक्स, एसी और टीवी तक के दाम घटने जाएंगे
इन सामानों पर ‘0’ जीएसटी
सरकार ने जीएसटी रिफॉर्म के तहत कई सामानों के जीएसटी स्लैब में बदलाव किया है, तो कई आइटम्स को जीएसटी फ्री भी कर दिया है. जिन सामानों पर अब जीरो जीएसटी लगेगा, उनमें प्रमुख तौर पर जो सामान शामिल हैं, उनमें शामिल फूड प्रोडक्ट की बात करें, तो 5% से 18% तक के स्लैब में आने वाले कई प्रोडक्ट को जीएसटी फ्री कर दिया है. इनमें यूएचटी दूध, छेना-पनीर, पिज्जा, सभी तरह की ब्रेड, रेडी टू ईट रोटी, रेडी टू ईट पराठा शामिल है. इसके अलावा बच्चों की शिक्षा से जुड़े सामानों में पेंसिल, कटर, रबर, नोटबुक, नक्शे-चार्ट, ग्लोब, वॉटर सर्वे चार्ट, एटलस, प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक, लैबोरेटरी नोटबुक पर भी 12% की जगह अब शून्य जीएसटी कर दिया गया है.
दवाएं और हेल्थ-लाइफ पॉलिसी पर जीएसटी खत्म करते हुए सरकार ने राहत दी है. जहां 33 जीवन रक्षक दवाओं पर अब तक लागू 12 फीसदी जीएसटी को खत्म करते हुए इसे जीरो किया गया है, इनमें तीन कैंसर की दवाइयां भी शामिल हैं. इसके अलावा इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को भी पूरी तरह से जीएसटी मुक्त किया गया है.
ये जरूरी सामान भी हो जाएंगे सस्ते
सरकार की ओर से जहां ऊपर बताए गए सामानों और सर्विस को जीएसटी फ्री किया गया है. तो तमाम जरूरत की चीजों को 5% स्लैब में शामिल किया गया है.
फूड आइटम्स
- वनस्पति वसा/तेल 12% से 5%
- मोम, वनस्पति मोम 18% से 5%
- मांस, मछली, फूड प्रोडक्ट्स 12% से 5%
- मक्खन-घी 12% से 5%
- चीनी, उबली हुई मिठाइयां 12%-18% से 5%
- चॉकलेट और कोको पाउडर 18% से 5%
- पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स, नूडल्स, बिस्कुट, माल्ट एक्सट्रेक्ट (गैर-कोको) 12%-18% से 5%
- जैम, जेली, मुरब्बा, मेवे/फलों का पेस्ट, सूखे मेवे, मेवे 12% से 5%
- फलों का रस, नारियल पानी 12% से 5%
कंज्यूमर और डोमेस्टिक आइटम्स
- हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, शेविंग उत्पाद, टैल्कम पाउडर 18% से 5%
- टॉयलेट साबुन (बार/केक) 18% से 5%
- टूथब्रश, डेंटल फ्लॉस 18% से 5%
- शेविंग क्रीम/लोशन, आफ्टरशेव 18% से 5%
- सामान्य टेबलवेयर/किचनवेयर (लकड़ी, लोहा, तांबा, एल्युमीनियम, प्लास्टिक) 12% से 5%
- बच्चों की दूध की बोतल-निप्पल, प्लास्टिक के मोती 12% से 5%
- मोमबत्तियां 12% से 5%
- छाते और संबंधित वस्तु 12% से 5%
- सिलाई सुइयां 12% से 5%
- सिलाई मशीनें और पुर्जे 12% से 5%
- कपास/जूट से बने हैंड बैग 12% से 5%
- शिशुओं के लिए नैपकिन/डायपर 12% से 5%
- पूरी तरह से बांस, बेंत, रतन से बने फर्नीचर 12% से 5%
- दूध के डिब्बे (लोहा/स्टील/एल्यूमीनियम) 12% से 5%
इलेक्ट्रॉनिक सामान
- एयर कंडीशनर (AC) 28% से 18%
- बर्तन धोने की मशीनें 28% से 18%
- टीवी (एलईडी, एलसीडी), मॉनिटर, प्रोजेक्टर 28% से 18%
एग्रीकल्चर और फर्टिलाइजर
- ट्रैक्टर (1800cc से अधिक क्षमता वाले सड़क ट्रैक्टरों को छोड़कर) 12% से 5%
- पिछले ट्रैक्टर टायर/ट्यूब 18% से 5%
- मिट्टी/कटाई/थ्रेसिंग के लिए कृषि मशीनरी 12% से 5%
- कम्पोस्टिंग मशीनें 12% से 5%
- स्प्रिंकलर/ड्रिप सिंचाई/लॉन/स्पोर्ट्स रोलर्स 12% से 5%
- जैव-कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व 12% से 5%
- ईंधन के लिए पंप 28% से 18%
- ट्रैक्टरों के लिए हाइड्रोलिक पंप 18% से 5%
हेल्थ प्रोडक्ट्स पर जीएसटी
- थर्मामीटर, डायग्नोस्टिक किट 12% 18% से 5%
- ब्लड ग्लूकोज मॉनिटर (ग्लूकोमीटर) 12% से 5%
- मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन और हाइड्रोजन पेरोक्साइड 12% से 5%
- चश्मा 12% से 5%
- मेडिकल/सर्जिकल रबर के दस्ताने 12% से 5%
- कई दवाएं और खास दवाएं 12% से 5% या शून्य
कार-बाइक पर टैक्स
- टायर 28% से 18%
- मोटर वाहन (छोटी कारें, तिपहिया वाहन, एम्बुलेंस, 350cc से छोटी मोटरसाइकिल, कमर्शियल व्हीकल) 28% से 18%
- रोइंग बोट/डोंगी 28% से 18%
- साइकिलें और गैर-मोटर तिपहिया वाहन 12% से 5%
टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स
- सिंथेटिक धागे, बिना बुने कपड़े, सिलाई धागा, स्टेपल फाइबर 12% और 18% से 5%
- परिधान, रेडिमेड, ₹2,500 से अधिक नहीं 12% से 5%
- परिधान, रेडिमेड, ₹2,500 से अधिक 12% से 18%
इन सामानों पर भी घटेगा टैक्स
इसके अलावा नक्काशीदार कला उत्पाद (लकड़ी, पत्थर, आधार धातु, कॉर्क) 12% से 5% स्लैह में आएंगे, जबकि हाथ से बने कागज और पेपरबोर्ड, हस्तशिल्प लैंप, पेंटिंग, मूर्तियां, पेस्टल, प्राचीन संग्रहणीय वस्तुएं भी इसी स्लैब में शामिल होंगे. तैयार चमड़ा, चमड़े के सामान, दस्ताने भी 5% के दायरे में होंगे, तो वहीं कंस्ट्रक्शन वर्क में शामिल टाइलें, ईंटें, पत्थर जड़ाई कार्य 12% से 5% ट्रांसफर किए जा रहे हैं. हालांकि, पोर्टलैंड, स्लैग, हाइड्रोलिक सीमेंट पर 28% की जगह 18% जीएसटी लागू होगा.

