भारत में डिलीवरी ऐप्स के एजेंट्स आपको जगह-जगह मिल ही जाते होंगे। आपने कभी सोचा है कि आखिर दिन-रात आपके लिए खाने से लेकर हर तरीके की चीजें लाने वाले यह डिलेवरी एजेंट्स आखिर कितना कमाते हैं। हमारी जिज्ञासा को शांत करने के लिए बेंगलुरु के एक डिलीवरी एजेंट ने अपनी हफ्ते भर की कमाई का ब्यौरा सोशल मीडिया पर साझा किया। उसकी इस पोस्ट को देखकर कई लोगों ने इस नौकरी को बेहतर बता दिया, तो कई लोगों ने उसकी कमाई पर शक पैदा किया कि आखिर कोई इतना तो हीं कमा सकता।
सोशल मीडिया साइट रेडिट पर साझा की गई इस पोस्ट के ऊपर एजेंट ने लिखा कि हमारी कमाई मौसम,मांग और सीजन के अनुसार बदलती रहती है। अगर किसी महीने कोई त्योहार है, तो उस महीने में ज्यादा डिलीवरी मिलती है, इससे हमारी कमाई भी ज्यादा होती है। बकौल डिलीवरी एजेंट उसने सुबह के 10 बजे से रात के 10 बजे तक काम किया। लगातार हफ्ते भर काम करने के बाद उसने 21000 रुपए कमाए हैं।
पोस्ट के मुताबिक इस हफ्ते के दौरान उसने कुल मिलाकर 387 ऑर्डर डिलीवर किए और पेट्रोल खर्च काटने के बाद उसने कुल मिलाकर 18,906 रुपए बचाए हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में उसने लिखा, “मैंने एक हफ़्ते में (सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक काम करके) ज़ेप्टो डिलीवरी से कितना कमाया।”
डिलीवरी एजेंट ने 29 सितंबर से लेकर 5 अक्तूबर तक का अपना ब्यौरा भी साझा किया। इसमें उसने 2 अक्तूबर को 3,379 रुपए, 3 को 3,379.9 रुपये, 4 को 2,460.3 रुपये, 5 अक्तूबर को 4,020.3 रुपये की कमाई की।
रेडिट पर कुछ यूजर्स ने कमाई की वैधता पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने एजेंट की कड़ी मेहनत की सराहना की। एजेंट ने स्पष्ट किया कि उसकी कमाई मौसम और माँग जैसे कारकों के आधार पर बदलती रहती है, और कभी-कभी उसे व्यस्त समय या बारिश के दौरान सर्ज बोनस का लाभ मिलता है।
कमेंट सेक्शन में एजेंट ने लिखा, “बारिश का मौसम बहुत बेहतर है, पूरी तरह से नहीं, बल्कि हल्की बारिश जो लंबे समय तक चलती है” क्योंकि बारिश में ऑर्डर डिलेवर करने में पैसे ज्यादा मिलते हैं। उसने बताया कि एक बिल्कुल अलग हफ्ते में, उसने सिर्फ तीन दिन काम किया और 600-700 पेट्रोल से 12 हजार कमाए, क्योंकि उन तीन में से दो दिन शाम 6 बजे से रात 11-12 बजे तक लगातार बारिश होती रही।
इतना ही नहीं उसने बताया कि डिलीवरी पार्टनर की कमाई लोकेशन, मांग और काम के घंटो के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी कमेंट्स देखने को मिली। एक यूजर ने लिखा चलो में भी चला जेप्टो एजेंट बनने, तो वहीं एक और यूजर ने पूछा कि आखिर जेप्टो इन एजेंट्स को कितना भुगतान करता है? कितने घंटे काम करने पड़ता है?

