Adani Group Stocks: हिंडनबर्ग के मामले में सेबी से क्लीन चिट मिलने के बाद अडानी ग्रुप पर निवेशकों को भरोसा फिर से बढ़ने लगा। समूह की लिस्टिंग कंपनियों में हाल के समय में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है। इस दौरान कई दिग्गज निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियों में अडानी ग्रुप की कंपनियों को जोड़ा है।
इन कंपनियों में जीक्यूजी पार्टनर ने बढ़ाई हिस्सेदारी
जीक्यूजी पार्टनर ने अपनी अडानी ग्रुप की कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई है। सितंबर 2025 की शेयरहोल्डिंग में यह बात सामने आई है। एसीसी लिमिटेड में जीक्यूजी लिमिटेड ने अपनी हिस्सेदारी 4.57 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.70 प्रतिशत कर दिया है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड में अब जीक्यूजी पार्टनर की कुल हिस्सेदारी 4.21 प्रतिशत हो गई है। इससे पहले यह 4.16 प्रतिशत थी। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में जीक्यूजी पार्टनर का हिस्सा 3.52 प्रतिशत हो गया है। पहले यह 3.40 प्रतिशत था। इन सबके अलावा अडानी ग्रुप की कंपनी अम्बुजा सीमेंट में जीक्यूजी पार्टनर की हिस्सेदारी 2.05 प्रतिशत हो गई है। जोकि पहले 1.35 प्रतिशत थी। बता दें, जीक्यूजी पार्टनर ने अडानी ग्रुप की कंपनियों पर तब दांव लगाया था। जब समूह हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद काफी दबाव में था।
एलआईसी का भरोसा कायम
सरकारी बीमा कंपनी का अडानी ग्रुप की कंपनियों पर भरोसा कायम है। एलआईसी की हिस्सेदारी जून तिमाही में एसीसी लिमिटेड में 9.11 प्रतिशत थी। जोकि सिंतबर 2025 तक बढ़कर 9.95 प्रतिशत हो गई। वहीं, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में एलआईसी ने अपनी हिस्सेदारी 3.42 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। अडानी एंटरप्राइजेज में 4.16 प्रतिशत और अडानी ग्रीन एनर्जी में 1.30 प्रतिशत हिस्सेदारी को एलआईसी ने बरकरार रखा है।
विदेशी निवेशकों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों को बेचा
एफआईआई की तरफ से बिकवाली देखने को मिली है। एसीसी में एफआईआई की होल्डिंग 5.05 प्रतिशत से घटकर 4.66 प्रतिशत हो गया है। वहीं, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में एफआईआई की हिस्सेदारी 15.85 प्रतिशत से घटकर 13.06 प्रतिशत हो गया है। अडानी पावर में एफआईआई की हिस्सेदारी 12.46 प्रतिशत से कम होक 11.53 प्रतिशत हो गया है।

