कर्नाटक का हैरतअंगेज कारनामा, देवदत्त पडिक्कल के दम पर की विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास की सबसे बड़ी रनचेज

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विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का पहला दिन रिकॉर्डतोड़ रहा। रिकॉर्ड्स की इस लिस्ट में एक नाम कर्नाटक का भी जुड़ गया है। मयंक अग्रवाल की अगुवाई वाली कर्नाटक क्रिकेट टीम ने उस समय इतिहास रचा, जब उन्होंने झारखंड के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास की सबसे बड़ी रनचेज की। झरखंड ने इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए कर्नाट के सामने 413 रनों का टारगेट रखा था, ईशान किशन ने 33 गेंदों पर तूफानी शतक जड़ते हुए 39 गेंदों पर 125 रनों की पारी खेली थी। किसी को उम्मीद नहीं थी कि कर्नाटक इस स्कोर को हासिल भी कर पाएगा। मगर कर्नाटक की टीम ने ना सिर्फ इस स्कोर का सफलतापूर्वक पीछा किया, बल्कि रिकॉर्ड भी बनाया।

विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में इससे पहले सबसे सफल रनचेज का रिकॉर्ड आंध्रा के नाम था, 2012 में गोवा के खिलाफ उन्होंने 385 का टारगेट हासिल किया था। कर्नाटक से पहले किसी टीम ने इस टूर्नामेंट में 400 से अधिक स्कोर का सफलतापूर्वक पीछा नहीं किया था।

कर्नाटक ने झारखंड के 413 रनों के टारगेट को 47.3 ओवर में ही चेज कर इतिहास रचा। कर्नाटक के लिए इस दौरान सलामी बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने 147 रनों की शानदार पारी खेली। मयंक अग्रवाल और अभिनव मनोहर ने तूफानी अर्धशतक भी जड़े।

413/5 कर्नाटक बनाम झारखंड, 2025

385/6 – आंध्र बनाम गोवा, 2012

383/3 कर्नाटक बनाम मुंबई, 2024

383/7 – बंगाल बनाम विदर्भ, 2025

413 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए मयंक अग्रवाल और देवदत्त पडिक्कल ने कर्नाटक को तूफानी शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 11,5 ओवर में 114 रनों की साझेदारी की। मयंक ने 34 गेंदों पर 54 रन बनाए। पडिक्कल एक छोर संभाले हुए थे और तेजी से रन बना रहे थे, वहीं दूसरे छोर पर जो बल्लेबाज आ रहा था, वह तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रहा था। पडिक्कल ने 118 गेंदों पर 10 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 147 रनों की पारी खेली। अभिनव मनोहर ने अंत में 32 गेंदों पर नाबाद 56 रन बनाए। उनका साथ ध्रुव प्रभाकर ने 22 गेंदों पर 40 रन बनाकर दिया।

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