August 6, 2026

20000 किमी सफर पूरा कर बिहार पहुंचे विदेशी मेहमान, साइबेरियन पक्षी से गुलजार हुआ वीटीआर

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में नेपाल से सटे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में विदेशी मेहमानों का आना शुरू हो गया है। वीटीआर के जंगल एवं जलाशय इन दिनों प्रवासी पक्षी के कलरव से गुलजार हो उठा है। 20 हजार किलोमीटर का सफर पूरा कर साइबेरियन समेत विदेशी पक्षी ठंड का मौसम शुरू होते ही वीटीआर पहुंचने लगे हैं। उनकी चहचहाहट वीटीआर के जलाशयों एवं गंडक नदी के किनारे गूजं रही है। विदेशी मेहमानों के आने से वीटीआर की प्राकृतिक सुंदरता और निखर गई है। इससे क्रिसमस एवं नव वर्ष पर वीटीआर पहुंचने वाले पर्यटकों को मनोरंजन का डबल डोज मिल रहा है।

एक तरफ पर्यटक जंगल सफारी के दौरान बाघ, तेंदुआ, गौर, चीतल, हिरण आदि वन्यजीवों का दीदार कर रोमांचित हो रहें हैं। वहीं दूसरी तरफ गंडक नदी में बोटिंग के दौरान नदी एवं तट पर साइबेरियन पक्षियों की अठखेलियां उन्हें देखने को मिल रही हैं। बता दें कि वीटीआर का जंगल एवं जलाशय 350 से अधिक प्रजाति के पक्षी का बसेरा है। इसमें दर्जनों प्रजाति के साइबेरियन पक्षी का आगमन हर साल होता है। इन पक्षी से तीन-चार माह वीटीआर गुलजार रहता है। प्रजनन के बाद अप्रैल महीने से इनकी वापसी शुरू हो जाती है।

वीटीआर के वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक डॉ नेशामणी ने बताया कि पिछले साल हुई

विभिन्न देशों से लंबी दूरी तय कर कई प्रजाति के साइबेरियन पक्षियों का झुंड वीटीआर के जंगल एवं जलाशय पर पहुंचा है। साइबेरियन पक्षी में विसलिंग डग, नाइट हेरोन, सारस क्रेन, ब्लैक बाजा, ग्रेट क्रिस्टेड, ग्रीब एशियन, ऑपेन बिल, अमूर फाल्कन आदि शामिल हैं।

अच्छी बारिश, पक्षी के अवैध शिकार पर प्रभावी रोक, वनकर्मियों के निरंतर गश्त और आम लोगों में आई सकारात्मक सोच से वीटीआर में विदेशी पक्षी की संख्या बढ़ी है। अब लोग उनकी सुरक्षा करते हैं।
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